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इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, कहा- इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया इजरायली संसद संबोधित

इजरायली संसद में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, कहा- इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है भारत

Feb 25, 2026
09:57 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इजरायल के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। इजरायल पहुंचने पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित करते हुए इजरायल के प्रति भारत के मजबूत समर्थन की पुष्टि करते हुए कहा कि नई दिल्ली इस समय और भविष्य में भी इजरायल के साथ मजबूती से खड़ी है और आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करती है।

संबोधन

इजरायल की संसद में आना मेरे लिए सम्मान की बात- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने नमस्ते के साथ संबोधन की शुरुआत की और कहा, "यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में खड़ा हूं। भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में मैं 140 करोड़ लोगों की शुभकामनाएं और संदेश लेकर यहां आया हूं।" उन्होंने कहा, "मुझे इजरायल की पहली यात्रा करने वाले भारत के प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला और मैं यहां दोबारा आकर और भी खुश हूं।"

संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल की मान्यता को अपने जन्मदिन से जोड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इजरायली संसद नेसेट को भारतीय रंगों में रंगा गया है, ये हमारे संबंधों का प्रतीक है। मेरा जन्म भी उसी दिन हुआ, जिस दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी।" उन्होंने इजरायल को 'फादरलैंड' और भारत को 'मदरलैंड' बताते हुए कहा, "विश्व युद्ध के दौरान हजारों भारतीयों ने इस इलाके में अपनी जान कुर्बान की थी। मेजर ठाकुर दलपत सिंह 'हीरो ऑफ हाइफा' है। इंटरनेशनल होलोकॉस्ट रिमेंबरेंस डे मानवता के लिए कालिख भरा दिन था।

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निंदा

प्रधानमंत्री मोदी ने की हमास के हमलों की निंदा

प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्तूबर, 2025 को हमास द्वारा किए गए हमलों की आलोचना की और इसे क्रूर हमला करार देते हुए भारत की ओर से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा, "भारत भी आतंकवाद का शिकार रहा है। मेरी संवेदना उन सभी लोगों के परिवारों के साथ है, जिन्होंने हमास के हमलों में अपनी जान गंवाईं। भारत आज भी और भविष्य में भी इजरायल के साथ मजबूती से साथ खड़ा है।"

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सहमति

आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति जरूरी- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आपकी ही तरह हमारी भी आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति है। आतंकवाद विश्वास को तोड़ता है। आतंकवाद के खिलाफ दोहरा रवैया नहीं रख सकते हैं। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति जरूरी है।" उन्होंने कहा, "बेकसूर नागरिकों की हत्या किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं है। निर्दोषों की हत्या को जायज नहीं ठहराया जा सकता है। शांति की रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन भारत शांति की इस प्रक्रिया में हमेशा साथ है।"

अर्थव्यवस्था

3 साल में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "पिछले कई वर्षों से भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और आने वाले 3 वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इजरायल पावरहाउस है। ये हमारे बीच भविष्य की साझेदारी की नींव को मजबूत बनाता है।" उन्होंने कहा, "मैं साल 2006 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार इजरायल आया था। उसके बाद से यहां मेरा आना लगा रहा और हमारे संबंधों ने नई ऊंचाइयां छुईं। यही वास्तविक संबंध हैं।"

दावा

"अनिश्चित विश्व में हमारी दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और इजरायल के बीच व्यापारिक और रणनीतिक ही नहीं, बल्कि रक्षा के भी संबंध हैं।नवंबर 2025 में हमने रक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता किया था। इस अनिश्चित विश्व में हमारी दोस्ती बहुत महत्वपूर्ण है।" उन्होंने गाजा में शांति के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि 'गाजा शांति पहल' को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने मंजूरी दी है। यह एक रास्ता दिखाता है। भारत इस पहल को अपना समर्थन देता है।

जानकारी

भारत-इजरायल में 'वसुधैव कुटुम्बकम' का संबंध

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत और इजरायल दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं हैं। दोनों की परंपराएं, रिवाज दिखाते हैं कि दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है। भारत में वसुधैव कुटुम्बकम है तो इजरायल में भी इसी तरह की भावना से काम किया जाता है।"

सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी को मिला इजरायली संसद का सबसे बड़ा सम्मान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारी साझेदारी न सिर्फ राष्ट्रीय हितों के लिहाज से बल्कि विश्व की समृद्धि के लिए भी अहम है।" इसके बाद उन्होंने 'मोदी-मोदी' के नारों के बीच जय हिंद के साथ अपने संबोधन समाप्त किया। संबोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को 'स्पीकर ऑफ द नेसेट' मेडल से सम्मानित किया गया। वह यह सर्वोच्च सम्मान से प्राप्त करने वाले पहले शख्स हैं। बता दें कि यह मेडल यह इजरायली संसद नेसेट का सबसे बड़ा सम्मान है।

तारीफ

नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया 'एशिया का शेर'

इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले नेतन्याहू ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए मित्र से बढ़कर हैं, मेरे भाई की तरह हैं। 'मोदी हग' यानी प्रधानमंत्री मोदी के गले लगाने के तरीके की वजह ने भारत और इजरायल के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को एशिया का शेर बताते हुए कहा, "भारत और इजरायल एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। दोनों देशों के हित भी समान हैं।"

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