ईरान युद्ध के बीच पहली बार प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन की बिश्केक में मुलाकात
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान में चल रहे युद्ध के बीच पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की सोमवार को मुलाकात हुई है। दोनों किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे 2 दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल हुए हैं। बता दें कि फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों पक्ष फोन पर लगातार बातचीत कर रहे थे, लेकिन आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई थी।
मुलाकात
किस मुद्दे पर हुई बात?
विदेश मंत्रालय ने मोदी और पेजेश्कियन की तस्वीर एक्स पर साझा कर लिखा, 'प्रधानमंत्री ने बिश्केक में SCO समिट के दौरान ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के साथ एक सार्थक बैठक की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और पश्चिम एशिया में घटनाक्रमों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत-कूटनीति से होना चाहिए।'
मोदी ने क्षेत्र में शांति-स्थिरता और व्यापार की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक
कितनी महत्वपूर्ण है बैठक
यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से हमले शुरू हुए हैं और तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है।
इस बैठक से पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग बिछाने के प्रयास के दौरान 2 ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया।
ईरान ने जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया है। होर्मुज पर एक सुपरटैंकर को बारूदी सुरंग से उड़ाया है।
शांति
अमेरिका और ईरान युद्ध में भारत की क्या है भूमिका
भारत अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में शामिल नहीं है, लेकिन वह लगातार शांति और स्थिरता की वकालत कर रहा है।
भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नाविकों के लिए जोखिम को कम करने और पश्चिम एशिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए जोखिम को कम करने के लिए दोनों पक्षों के साथ बातचीत की है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 28 फरवरी से 31 जुलाई तक अमेरिका-ईरान हमलों में 16 भारतीय मारे गए हैं।