पेंटागन ने ईरान युद्ध के लिए मांगा 18.66 लाख करोड़ रुपये, ईरान ने 'इजरायल टैक्स' बताया
क्या है खबर?
ईरान के खिलाफ युद्ध लड़ रहे अमेरिका को और पैसे की जरूरत है। इसके लिए पेंटागन (रक्षा विभाग) ने व्हाइट हाउस से करीब 18.66 लाख करोड़ रुपये (200 अरब डॉलर) मांगा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका का युद्ध विभाग ईरान के खिलाफ और अधिक सैनिक तैनात करना चाहता है और युद्ध में अमेरिका पहले ही अरबो डॉलर खर्च हो चुका है। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने पेंटागन की इस मांग की आलोचना की है।
मांग
6 दिन में 11 अरब डॉलर खर्च
अमेरिकी रक्षा विभाग ने यह मांग तब की है, जब पिछले 6 दिन के युद्ध में उसने 1.5 लाख करोड़ रुपये (11 अरब डॉलर) और पिछले 100 घंटे में करीब 34,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। पेंटागन ने धनराशि के लिए कांग्रेस से मंजूरी लेने के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है। हालांकि, अभी तक अनुरोध पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया नहीं आई है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस प्रस्ताव का विरोध कर सकती है।
आरोप
ईरान ने कहा- अमेरिकियों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
पेंटागन की इस मांग से संबंधित एक अखबार की रिपोर्ट अराघची ने एक्स पर साझा की और लिखा कि इस 'चुनी हुई जंग' को अभी सिर्फ़ 3 हफ़्ते हुए हैं, जो ईरानियों-अमेरिकियों पर थोपी गई है। उन्होंने लिखा कि यह 200 अरब डॉलर तो बस 'हिमशैल का सिरा' यानी शुरुआत है, अमेरिकी, बेंजामिन नेतन्याहू और कांग्रेस में बैठे उनके चमचों का शुक्रिया कर सकते हैं, जिनकी वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर खरबों डॉलर का 'इजरायल फर्स्ट टैक्स' लगने वाला है।