पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कथित विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा, 19 लोग मारे गए
क्या है खबर?
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कथित विधानसभा चुनाव के पहले चरण में धांधली के आरोपों को लेकर बवाल खड़ा हो गया, जिससे हिंसा भड़क गई। इसमें कम से कम 19 लोग मारे गए हैं। प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक-दूसरे पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। यह चुनाव पहले 27 जुलाई को होना था, लेकिन अब 10 अगस्त तक 3 चरणों में होगा। भारत PoK में हुए चुनावों को मान्यता नहीं देता है।
हिंसा
कैसे शुरू हुई हिंसा?
यह हिंसा तब शुरू हुई जब संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में लगातार प्रदर्शन जारी हो रहे थे।उ नकी प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बातचीत विफल होने के बाद प्रदर्शन तेज हो गया।
इस बीच, हजारों प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फरबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया। JAAC के समर्थकों ने आरोप लगाया कि रावलकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गोली चलाई, जिससे हिंसा भड़क गई।
अवामी एक्शन कमेटी ने गोलीबारी में मारे गए 19 नाम सार्वजनिक किए हैं।
गोलीबारी
PPP कार्यकर्ता की गोलीबारी में मौत
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने कहा कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) के समर्थकों और उम्मीदवारों द्वारा की गई गोलीबारी में उसके कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत हो गई, जबकि 2 अन्य घायल हो गए।
इस पर, PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने चुनाव अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि चुनाव आयोग क्या कर रहा है?
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने चुनावों का बहिष्कार किया, जबकि JAAC पर प्रतिबंध लगा है।
चुनाव
विधानसभा की 53 सीटों पर हो रहा है चुनाव
यहां कथित विधानसभा में 53 सीटें हैं, जिनमें 45 सीधे निर्वाचित सीटें हैं। महिलाओं, टेक्नोक्रेट्स और धर्मगुरुओं के लिए आरक्षित 8 सीटें शामिल हैं।
पिछले महीने JAAC ने विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांग की थी, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया था।
इसके बाद उसके आह्वान में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में 100 से अधिक लोग मारे गए और 50 दिनों तक जीवन अस्त-व्यस्त रहा।
हिंसा के बाद, संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
ट्विटर पोस्ट
PoK में हिंसा
Fresh reports from #Mirpur, Pakistan-occupied Jammu & #Kashmir (#PoK), indicate 12 civilians killed and around 50 injured after Pakistan Army and security forces opened fire during protests. The visuals are deeply disturbing and demand an independent investigation. Civilian lives… pic.twitter.com/NqqQOdGSq6
— Meghna Khan (@Its_MeghnaX) July 28, 2026