निज्जर हत्याकांड: गोल्डी बराड़ के दावे पर पूर्व भारतीय उच्चायुक्त का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
कनाडा में भारत के पूर्व उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ द्वारा खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने के दावे पर अहम बयान दिया है। बराड़ ने लीक हुए एक ऑडियो टेप में इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है। इस पर वर्मा ने कहा कि यह पूरी घटना ड्रग्स तस्करी, हथियारों की खरीद और आपराधिक गुटों की आपसी दुश्मनी (गैंगवार) का नतीजा थी। उन्होंने भारत सरकार पर लगे आरोपों को बेतुका बताया है।
बयान
पूर्व उच्चायुक्त वर्मा ने क्या दिया बयान?
वर्मा ने समाचार एजेंसी ANI से कहा, "यह सब एक गैंगवार का ही नतीजा था। ड्रग्स इस पूरी बातचीत में केवल एक तत्व है, लेकिन यही एकमात्र तत्व नहीं है, जिसकी अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जानी बाकी है।"
उन्होंने कहा, "पम्मा और गोल्डी के बीच की यह पूरी बातचीत उनके (गोल्डी) और अर्श डल्ला के साथ-साथ सुक्खा के बीच की आपसी दुश्मनी की ओर भी इशारा करती है और निज्जर इन दोनों को अपना समर्थन दे रहा था।"
दावा
ड्रग्स और आधुनिक हथियार है गैंगवार का कारण
वर्मा ने कहा, "ड्रग्स तो बेशक इसका एक हिस्सा हैं ही, आधुनिक हथियारों की खरीद और उनकी डिलीवरी भी इसका हिस्सा है। गैंगवार भी इसका हिस्सा है। इसलिए, यह सब कुछ एक साथ मिलाकर बनाया गया कॉकटेल है।"
भारत सरकार पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा, "पहले दिन से ही हमने कहा है कि यह एक बेतुका आरोप है। दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना भारत की नीति नहीं है। भारत अंतरराष्ट्रीय अपराधों का समर्थन नहीं करता है।"
जिम्मेदारी
बराड़ ने कैसे ली हत्याकांड की जिम्मेदारी?
बराड़ का दावा ब्रिटेन स्थित खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा के साथ हुई बातचीत के लीक हुए एक ऑडियो में सामने आया है।
यह बातचीत निज्जर की हत्या के करीब 3 साल बाद हुई थी। कनाडा की पत्रकार रुचि वाली इस ऑडियो को सोशल मीडिया पर जारी किया है।
ऑडियो में बराड़ पम्मा को समझा रहा है कि उसने और उसकी टीम ने कनाडा के गुरुद्वारे के बाहर निज्जर को क्यों और किन कारणों से मौत के घाट उतारा था।
कारण
बराड़ ने क्या बताया निज्जर की हत्या का कारण?
बराड़ ने आरोप लगाया कि निज्जर कनाडा में एक बहुत बड़े खतरनाक ड्रग नेटवर्क का समर्थन कर रहा था।
इस नेटवर्क के लोग 16-17 साल के मासूम बच्चों को ब्लैकमेल कर उनसे जबरन ड्रग्स बिकवाते थे।
बराड़ के मुताबिक, निज्जर इन ड्रग माफियाओं को अपने निजी फायदों के लिए मजबूत बना रहा था और हथियारों के अवैध व्यापार में भी संलिप्त था।
बराड़ ने कहा, "इन्हीं सब हरकतों के चलते हमें उसे मारना पड़ा, जो जैसा करेगा वैसा भुगतेगा।"
संबंध
निज्जर की हत्या के आरोपों से बिगड़ गए थे भारत-कनाडा संबंध
निज्जर हत्याकांड के बाद कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय खुफिया एजेंटों पर हत्या का संभावित लिंक होने का मनगढ़ंत आरोप लगाया था।
उसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दरार आ गई थी।
ट्रूडो के सत्ता से हटने और मार्क कार्नी के कनाडा के नए प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के रिश्ते सुधरे हैं।
अब कनाडाई पुलिस ने भी आधिकारिक तौर पर मामले में भारतीय अधिकारियों की मिलिभगत से सबूत न मिलने की बात कही है।