नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह पहले विदेश दौरे पर आएंगे भारत, दिसंबर तक आने की संभावना
क्या है खबर?
नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह अपनी पहली विदेश यात्रा के तौर पर भारत का दौरा कर सकते हैं, जो नेपाल की पारंपरिक नीति को दर्शाता है। यह खुलासा नेपाली वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने गुरुवार को NDTV समिट में किया है। उन्होंने बताया कि बालेन शाह इस साल के अंत तक भार का दौरा कर सकते हैं, जो उनकी पहली विदेश यात्रा होगी। उन्होंने बताया कि अभी तारीख पर काम चल रहा है।
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क्या बोले वागले?
वागले ने कार्यक्रम में कहा, "पदभार ग्रहण करने के बाद, बालेन का पूरा ध्यान घरेलू मुद्दों पर केंद्रित था। पहले 100 दिन हमारे 100 सूत्री एजेंडे पर केंद्रित रहे, और हमने उस पर खुद को 87.2 प्रतिशत की रेटिंग दी है।"
उन्होंने बताया, "उसके बाद हमने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं की चर्चा शुरू कर दी और मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी पहली विदेश यात्रा भारत होगी। उम्मीद है कि यात्रा साल के अंत से पहले होगी।"
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मार्च में प्रधानमंत्री बने हैं बालेन
काठमांडू के लोकप्रिय मेयर रहे 36 वर्षीय बालेन शाह, एक इंजीनियर और रैपर हैं। उन्होंने 2022 से काठमांडू के मेयर का पद संभाला था।
पिछले साल नेपाली सरकार को Gen-Z आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया। इसके बाद हुए आम चुनाव में लोगों ने बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी तो भारी सीट जितवाई।
नेपाली युवाओं की पसंद बालेन ने 27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
संबंध
कैसे हैं भारत और नेपाल के संबंध?
भारत-नेपाल के संबंध रोटी-बेटी, धार्मिक-पारिवारिक, आर्थिक और भौगोलिक रूप से बहुत गहरे संबंध हैं।
दोनों देशों के बीच लगभग 1,770 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है और कुल व्यापार 9.39 अरब डॉलर (लगभग 89,700 करोड़ रुपये) का है। नेपाल का 70 प्रतिशत व्यापार भारत के साथ होता है।
नेपाल में नए प्रधानमंत्री हमेशा पहले विदेश दौरे के तौर पर भारत आते हैं। हालांकि, 2008 में कम्युनिस्ट नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड और 2024 मे केपी शर्मा ओली पहले चीन गए थे।