नेपाल में रसुवागढ़ी सुरंग में कोई जीवित नहीं मिला, 900 से अधिक जलविद्युत कर्मचारी लापता
क्या है खबर?
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में कार्यरत सभी लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। सुरंग से नेपाली सेना 5 दिन बाद किसी को खोजे बिना वापस लौट आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंजीनियरों और ड्रोन ऑपरेटरों सहित सेना की टीम सुरंग के अंतिम छोर पर लोगों के फंसे होने की आशंका के बाद उसमें दाखिल हुई थी, लेकिन सुरंग में कोई नहीं मिला। सेना ने खोज में ड्रोन भी शामिल किया था।
बचाव
अभी भी 13 परियोजनाओं से जुड़े 900 लोगों की तलाश जारी
रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना में स्थित सुरंग में तलाश के लिए कई सैन्य कर्मी दाखिल हुए थे, लेकिन उन्हें कोई नहीं मिला। सुरंग में किसी के जीवित बचने की संभावना नहीं है।
हालांकि, रसुवागढ़ी में अन्य जगहों पर लापता पनबिजली श्रमिकों की तलाश समाप्त नहीं हुई है। अपर त्रिशूली 1, त्रिशूली 3ए और त्रिशूली 3बी सहित 13 परियोजनाओं की सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है।
भारत, चीन और दक्षिण कोरिया से बचाव दल यहां पहुंचे हैं।
आपदा
अब तक 903 शव बरामद
नेपाल की आपदा राहत एजेंसी ने अब तक 903 शव बरामद किए हैं। लापता लोगों में 592 विदेशियों सहित 4,247 लोग शामिल हैं।
चीनी हिस्से में अधिकारियों ने 16 मौतों और 546 लापता लोगों की सूचना दी थी। लापता लोगों में 261 विदेशी थे, जिनमें 100 से अधिक नेपाली शामिल हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह ने कहा कि यह बाढ़ एक अभूतपूर्व और विनाशकारी प्राकृतिक आपदा थी और नुकसान का पूरा आकलन करना अभी भी एक चुनौती है।