नेपाल में मृतकों की संख्या 900 के पार, भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने से चेतावनी जारी
क्या है खबर?
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या 903 पहुंच गई है। अब भी शव मलबों के नीचे से निकाले जा रहे हैं। लापता लोग 4,200 से अधिक हैं। नेपाली अधिकारियों ने रविवार को भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ की नई चेतावनी जारी की है। लोगों के फोन पर बाढ़ की चेतावनी भेजी गई है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों के निवासियों से उच्च सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।
बाढ़
चितवन से सबसे अधिक शव बरामद
नेपाल में बचाव दल का राहत और बचाव अभियान जारी है। अभी तक 900 शव बरामद किए जा चुके हैं। भारत की सीमा से सटे दक्षिणी जिले चितवन से सबसे अधिक 233 शव बरामद हुए हैं।
इसके अलावा नवलपुर से 184, परासी से 82, गोरखा से 58, नुवाकोट से 52, धादिंग से 50, तनहूं से 36 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए हैं।
चीनी हिस्से में, अधिकारियों ने 16 मौतों और 546 लापता लोगों की सूचना दी है।
चेतावनी
कम नहीं हुआ है खतरा
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के CEO धर्म राज उप्रेती ने बताया कि चीनी अधिकारियों से नदी के ऊपरी हिस्से में पानी के प्रवाह में वृद्धि की जानकारी मिलने के बाद नवीनतम चेतावनी जारी की गई है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि बुधवार की बाढ़ के बाद पहाड़ों में बनी एक नई झील का पानी काफी हद तक सूख गया है। हालांकि, खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ था।
अलार्म
लगातार बज रहे चेतावनी अलार्म
शिन्हुआ ने बताया कि नदी के ऊपरी हिस्से में 5.6 किलोमीटर दूर स्थित पानी से भरी झील अभी भी कुछ हद तक खतरनाक है।
अनुमान है कि इसमें 14 लाख घन मीटर (37 करोड़ गैलन) पानी है और इस पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता है।
नई चेतावनियों के कारण बाढ़ प्रभावित गांवों के निवासियों को लगातार चेतावनी अलार्म मिल रहा है, जिससे वे परेशान हो चुके हैं। वे लगातार जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
वापसी
प्रभावित इलाकों में वापसी कर रहे लोग
बाढ़ के बाद बुरी तरह प्रभावित धाडिंग में, लोग अपने घरों के बचे हुए हिस्से को देखने के लिए वापस लौट रहे हैं।
कई 3 मंजिला घरों की 2 मंजिल मलबे से पट चुकी है। कई घरों की दीवारं बह चुकी हैं, जबकि कुछ लोगों के घर का नामोंनिशान नहीं है।
यहां एक प्रमुख बिजली संयंत्र में, श्रमिकों ने रविवार को नुकसान का आकलन किया। यह संयंत्र 4 जिलों में 20,000 से अधिक लोगों को बिजली की आपूर्ति करता है।