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नेपाल में भयावह बाढ़ से अब तक 165 मौत; 133 भारतीय लापता, ग्लेशियर ढहने से प्रलय
नेपाल में भयावह बाढ़ से अब तक 165 मौत

नेपाल में भयावह बाढ़ से अब तक 165 मौत; 133 भारतीय लापता, ग्लेशियर ढहने से प्रलय

लेखन गजेंद्र
Aug 27, 2026
09:46 am

क्या है खबर?

नेपाल और तिब्बत सीमा के पास भेटोकोशी नदी में बुधवार को आई अचानक बाढ़ में अब तक 165 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 963 से अधिक लोग लापता हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास एक शक्तिशाली भूस्खलन से 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर भूकंपीय संकेत उत्पन्न हुए, जिसके बाद यह आपदा आई। भूस्खलन ग्लेशियर के ढहने से हुआ, जिससे काफी बर्फ, चट्टान, मिट्टी-पानी भोटेकोशी की सहायक नदी लहेन्डे खोला में बह गया।

लापता

130 से अधिक भारतीय लापता

भोटेकोशी में जलस्तर बढ़ने का सबसे ज्यादा असर रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से थे। बाद में बाढ़ तेज प्रवाह के कारण कई अन्य जिलों में पहुंच गई।

अभी तक 963 लापता लोगों की कोई खबर नहीं है, जिसमें 133 भारतीय शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य दल लगातार मलबे से शवों को निकाल रहे हैं।

बताया जा रहा है कि प्रभावित लोगों में से कई कैलाश मानसरोवर मार्ग पर यात्रा कर रहे थे।

आपदा

नेपाल के 19 पुल बहे, जल विद्युत परियोजनाओं पर असर

बाढ़ से नेपाल का परिवहन ढांचा तबाह हो गया। करीब 300 वाहन और ट्रक बाढ़ में बह गए और 19 बड़े पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

नुवाकोट के बेत्रावती को रसुवा के रसुवागढ़ी सीमा चौकी से जोड़ने वाली 42 किलोमीटर लंबी सड़क भी बह गई। बिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ नेपाल के अनुसार, 354 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली 8 चालू जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। निर्माणाधीन 5 अन्य परियोजनाएं भी प्रभावित हुईं।

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मृतक

किस देश के कितने नागरिक लापता?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लापता लोगों में नेपाल से 295, अमेरिका से 54, यूक्रेन से 53, ऑस्ट्रेलिया से 34, ब्रिटेन 33, कनाडा से 24, मलेशिया से 19, दक्षिण कोरिया से 9, सिंगापुर-दक्षिण अफ्रीका से 6-6, जापान-न्यूज़ीलैंड से 5-5, जर्मनी से 4, फ्रांस से 3, आयरलैंड, नीदरलैंड, रूस, स्पेन से 2-2, फिलीपींस, पुर्तगाल, बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, लिथुआनिया से 1-1 नागरिक शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि लापता लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

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असर

चीन में भी कहर

आपदा ने नेपाल ही नहीं बल्कि तिब्बत के ग्यिरोंग सीमा क्षेत्र में भी कहर बरपाया है। भूस्खलन से ग्यिरोंग बंदरगाह के आसपास की सड़कें, संचार और बिजली व्यवस्था क्षतिग्रस्त हो गई।

चीन ने अपनी सीमा के हिस्से में बाढ़ से 3 चीनी नागरिकों की मौत की खबर दी है, जबकि 265 अभी लापता हैं।

चीन ने नुकसान का आकलन करने और बचाव अभियान की तैयारी के लिए ड्रोन तैनात किए हैं। सीमापार सड़कें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं।

मदद

भारत ने भेजी मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आपदा के बाद ही नेपाली प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात की और उन्हें हर संभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया था।

इसके बाद भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी, जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सौर लैंप और दवाइयां शामिल हैं।

ये सामग्रियां भारतीय वायु सेना के C-130J विमान से काठमांडू पहुंचाई गईं हैं। बचाव और निकासी अभियानों के लिए हेलीकॉप्टर भी तैयार हैं।

ट्विटर पोस्ट

आपदा के बाद का दृश्य

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