दोस्त निर्मल पुरजा का शव वापस लाएंगे मिंगमा जी, जोखिम भरे बचाव अभियान का ऐलान
क्या है खबर?
नेपाल के मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुरजा (निम्सदाई) का शव पाकिस्तान की ब्रॉड पीक पर फंसा हुआ है, जिसे वापस लाने के लिए उनके दोस्त मिंगमा जी ने एक बेहद जोखिम भरा जमीनी मिशन शुरू करने का संकल्प लिया है। ब्रॉड पीक पर पिछले हफ्ते आए भीषण हिमस्खलन में निर्मल पुरजा समेत 10 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी, जिनमें से कुछ के शव करीब 5,000 मीटर की ऊंचाई पर फंसे हुए हैं। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।
बयान
मिंगमा ने क्या दिया बयान?
मिंगमा ने द टूरिज्म टाइम्स से फोन पर बातचीत में कहा कि वह पुरजा, चीनी पर्वतारोही वांग झोंग और नीमा शेरपा के शवों को निकालने का प्रयास करेंगे, जो पर्वत के कॉनकॉर्डिया की ओर 5,000 मीटर की ऊंचाई पर हैं।
उन्होंने कहा, "मैं पहाड़ों में मौजूद जोखिमों और चुनौतियों को जानता हूं, लेकिन अपने साथी दिग्गज पर्वतारोहियों के सम्मान में मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा।"
बता दें कि मिंगमा ऑक्सीजन के बिना 14 चोटियों पर चढ़ने वाले पहले नेपाली हैं।
श्रद्धांजलि
मिंगमा ने पुरजा और अन्य को दी भावुक श्रद्धांजलि
मिंगमा ने इंस्टाग्राम पर पुरजा, वांग और किली पेम्बा को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'मेरे प्यारे भाई किलु, वांग और निम्स। हम आपको वापस घर ले जाएंगे ताकि आप अपने परिवार से मिल सकें।'
ये तीनों ब्रॉड पीक पर मारे गए 10 पर्वतारोहियों में शामिल हैं। खोज दल ने 4 शवों को बरामद कर लिया है, लेकिन दुर्गम भूभाग और बिगड़ते मौसम के कारण पुरजा, वांग और नीमा के शवों को 5,000 मीटर ऊंचाई से नहीं लाया जा सका।
हालात
खराब मौसम की मार से प्रभावित हो रहा अभियान
मिंगमा ने एवरेस्ट क्रॉनिकल से कहा, "वहां एक और हिमस्खलन हुआ है। खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण हेलीकॉप्टर संचालन ठप है और बेस कैंप तक शवों को लाने का जमीनी अभियान फिलहाल टालना पड़ा है।"
मिंगमा के अनुसार, "बाकी सभी लोग पहले ही जा चुके हैं और केवल मेरी ही टीम यहां बची है।"
इस मिशन में उनके साथ पाकिस्तानी पर्वतारोही सिरबाज खान के भी शामिल होने की संभावना है।
संबंध
पुरजा के करीबी दोस्त थे मिंगमा
नवांग थिंडु शेरपा का शव 6,000 मीटर से ऊपर एक दुर्गम स्थान पर है, जबकि पाकिस्तानी गाइड सोहेल सखी अभी भी लापता हैं।
मिंगमा और पुरजा बेहद करीबी दोस्त थे, जिन्होंने जनवरी 2021 में K2 शिखर पर पहली बार सर्दियों में ऐतिहासिक चढ़ाई पूरी की थी।
अब अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान और रेस्क्यू टीमें मौसम साफ होने का इंतजार कर रही हैं ताकि इस खतरनाक रेस्क्यू मिशन को आगे बढ़ाया जा सके।