पाकिस्तान में ईंधन संकट के बीच लॉकडाउन जैसे हालात, जानिए सरकार ने क्या-क्या पाबंदियां लगाई
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक स्तर पर तेल की बढ़ती कीमतों के चलते पाकिस्तान इस समय बेहद गंभीर ईंधन और गैस संकट से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में कठोर 'मितव्ययिता उपायों' की घोषणा की है, जो कोरोना वायरस महामारी के दौरान लगाए गए लॉकडाउन की याद दिलाते हैं। प्रधानमंत्री शरीफ ने साफ किया है कि महंगाई से निपटने के लिए सरकार और सक्षम लोगों को सबसे पहले बलिदान देना होगा।
कटौती
सरकारी वाहनों के ईंधन बजट में 50 प्रतिशत की कटौती
सरकार द्वारा जारी किए गए कड़े नियमों के तहत, सभी संघीय और सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए ईंधन भत्तों में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।
हालांकि, देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है।
इसके साथ ही कर्मचारियों से अलग होने वाले गैर-जरूरी खर्चों में भी 5 प्रतिशत की कमी करने का आदेश दिया गया है।
यात्रा
सरकारी दौरों और विदेशी यात्राओं पर 3 महीने की रोक
सरकार ने सभी संघीय अधिकारियों और मंत्रियों की विदेशी यात्राओं पर अगले 3 महीनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
महत्वपूर्ण मामलों में यात्रा आवश्यक होने पर मंत्री, सलाहकार और अधिकारियों को सिर्फ इकोनॉमी क्लास में ही सफर करना होगा।
इसी तरह ईंधन बचाने के लिए बैठकों को ऑनलाइन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं और विदेशी मेहमानों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी भोजन और फिजूलखर्च सेमिनारों पर भी रोक लगा दी गई है।
सख्ती
रात 9 बजे बाजार बंद करने के आदेश
ऊर्जा संकट को देखते हुए देश में सभी दुकानों, मॉल और व्यावसायिक केंद्रों को रात 9 बजे अनिवार्य रूप से बंद करने और रेस्टोरेंट, कैफे और खाने-पीने की दुकानों को रात 11:00 बजे तक बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
हालांकि, मेडिकल दुकान, अस्पताल, क्लिनिक, पेट्रोल और CNG पंप, EV चार्जिंग स्टेशन, IT कंपनियों और कॉल सेंटर्स जैसी आवश्यक सेवाओं को इन आदेशों से पूरी तरह छूट दी गई है।
इन आदेशों से लोगों में हड़बड़ी मच गई है।
शादी
शादी समारोह में केवल एक व्यंजन परोसने के आदेश
सरकार ने मैरिज हॉल और शादी समारोह रात 10 बजे तक बंद करने, शादियों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए सिर्फ एक मुख्य व्यंजन परोसने के आदेश दिए हैं। इससे ईंधन की बचत होगी।
इसी तरह सरकार ने किसी भी नए सरकारी वाहन की खरीद पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी है।
सरकार ने लोगों से भी नए वाहन न खरीदने की अपील की है और आवागमन के लिए सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है।
जानकारी
मार्च में भी लगे थे ऐसे ही प्रतिबंध
सरकार ने मार्च 2026 में ईंधन बचाने के लिए 2 हफ्तों के लिए स्कूल बंद किए थे और घर से काम करने (WFH) को बढ़ावा दिया था। इसके अलावा, 23 मार्च को 'रिपब्लिक डे परेड' और उससे जुड़े समारोहों को भी रद्द कर दिया था।
कारण
आखिर क्यों हुआ पाकिस्तान का यह हाल?
पाकिस्तान अपनी कुल जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आयात करता है।
यह आयात समुद्री मार्ग के जरिए 'होर्मूज जलडमरूमध्य' से होकर गुजरता है। युद्ध के कारण यह एकमात्र समुद्री मार्ग बंद है, जिसने पाकिस्तान की नाजुक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी।
सऊदी अरब की प्रसिद्ध 1,200 किलोमीटर लंबी 'इस्ट-वेस्ट पाइपलाइन' को भी ड्रोन हमले के बाद बंद करना पड़ा है। इससे पाकिस्तान की हालत काफी खराब हो गई है।
कीमत
पाकिस्तान में कितनी हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
आयात बाधित होने के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
फरवरी में पेट्रोल की कीमत 266.17 पाकितानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 280.26 प्रति लीटर थी।
अप्रैल में पेट्रोल 458.41 और डीजल 520.35 रुपये पर पहुंच गया था।
वर्तमान में वहां पेट्रोल की कीमत 390.79 प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 424.92 प्रति लीटर के उच्च स्तर पर है। इस महंगाई ने लोगों को बेहाल कर दिया है।