किम जोंग ने पुतिन को संदेश भेजकर संबंधों को सराहा, उत्तर कोरिया शांति प्रस्ताव पर चुप्पी
क्या है खबर?
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को संदेश भेजकर रूस और उत्तर कोरिया के संबंधों की सराहना की है, जबकि उत्तर कोरिया के शांति प्रस्ताव पर चुप्पी साध ली। किम ने यह संदेश तब भेजा, जब उत्तर कोरिया के जापानी औपनिवेशिक शासन से मुक्ति की वर्षगांठ पर पुतिन ने उनको बधाई संदेश भेजा था। किम ने कहा कि दोनों देशों के बीच 'और बेहतर भविष्य' की उम्मीद है, जिस पर उन्हें हमेशा गर्व है।
संदेश
किम ने संदेश में क्या लिखा?
पुतिन ने किम को अपने संदेश में कहा था कि सोवियत सैनिकों द्वारा जापान के खिलाफ लड़ाई के दौरान यह संबंध मजबूत हुआ था और सहयोग सभी क्षेत्रों में जारी रहेगा।
इसके जवाब में किम ने पुतिन को लिखा, "मुझे विश्वास है कि रूस आपके (पुतिन के) दूरदर्शी नेतृत्व में देश की संप्रभुता, सुरक्षा हितों और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के पवित्र कार्य को पूरा करेगा। द्विपक्षीय संबंधों के और उज्ज्वल भविष्य की आशा करने में मुझे हमेशा गर्व है।"
संबंध
उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल से यूक्रेन पर हमला
किम और पुतिन के बीच संदेशों का यह आदान-प्रदान यूक्रेन के उन आरोप के बाद हुआ, जिसमें मॉस्को पर उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों से यूक्रेन पर हमला करने का आरोप है। हमले में 9 लोग मारे गए थे।
कीव ने यह भी कहा कि लगभग 50,000 उत्तर कोरियाई सैनिक रूस में तैनात होने वाले हैं, हालांकि उसने इसका कोई सबूत नहीं दिया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने इसके जवाब में दक्षिण कोरिया से हवाई रक्षा प्रणाली मांगी है।
सहयोग
रूस को जवाब, लेकिन शांति प्रस्ताव पर चुप्पी साधी
किम ने पुतिन को संदेश का जवाब दे दिया, लेकिन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्योंग के शांति प्रस्ताव पर चुप्पी साध ली है।
ली ने सियोल में मुक्ति दिवस समारोह में कहा कि दोनों कोरिया को अपने युद्धविराम को एक "शांति व्यवस्था" से बदलने के लिए बातचीत करनी चाहिए।
बता दें कि मुक्ति दिवस 15 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन 1945 में जापान के आत्मसमर्पण से कोरियाई प्रायद्वीप पर 35 वर्षों का औपनिवेशिक कब्ज़ा समाप्त हुआ था।
जवाब
सियोल के प्रस्ताव पर क्यों चुप हैं किम?
ईस्टर्न हेरल्ड के मुताबिक, सियोल के प्रस्ताव पर किम की चुप्पी का एक कारण दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सेनाओं का 15 अगस्त को संयुक्त सैन्य अभ्यास करना है।
यह अभ्यास उसी दिन शुरू हुआ, जिस दिन ली ने शांति प्रस्ताव रखा, जबकि उत्तर कोरिया लंबे समय से सैन्य गतिविधियों के जारी रहने के दौरान बातचीत से इनकार करता रहा है। इन्हें वह शत्रुतापूर्ण बताता है।
उत्तर कोरिया ने हाल में दक्षिण कोरिया-अमेरिका-जापान के बीच सुरक्षा सहयोग की आलोचना की है।