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ईरानी हमलों से कतर की गैस निर्यात क्षमता कम हुई, मरम्मत में लगेंगे 5 साल
कतर ने रास लफान पर हुए हमले के बाद नुकसान की जानकारी दी है

ईरानी हमलों से कतर की गैस निर्यात क्षमता कम हुई, मरम्मत में लगेंगे 5 साल

लेखन आबिद खान
Mar 20, 2026
09:32 am

क्या है खबर?

ईरान ने अपने सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर हुए हमले के बाद खाड़ी के कई देशों के तेल और गैस संयंत्रों को निशाना बनाया है। ईरान ने इस दौरान कतर के रास लफान गैस फील्ड पर भीषण हमला किया था। अब कतर ने इस हमले से हुए नुकसान की जानकारी दी है। कतर ने कहा कि हमले के बाद उसकी LNG निर्यात क्षमता 17 प्रतिशत कम हो गई है।

राशि

सालाना 1.60 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

कतर की सबसे बड़ी सरकार कंपनी कतरएनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) साल अल-काबी के अनुसार, इन हमलों से सालाना लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपने का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि LNG उत्पादन से जुड़ा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसे बनाने में करीब 24 लाख करोड़ रुपये की लागत आई थी। उन्होंने कहा, "इस नुकसान के कारण कतर को अपने कई दीर्घकालिक गैस आपूर्ति समझौतों में फोर्स मेज्योर (अप्रत्याशित घटना) प्रावधान लागू करना पड़ सकता है।"

नुकसान

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

अल-काबी ने पुष्टि की है कि देश के 14 LNG ट्रेन्स में से 2 और एक प्रमुख गैस-टू-लिक्विड (GTL) प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे 12.8 मिलियन टन वार्षिक (MTPA) गैस उत्पादन प्रभावित हुआ है। ये कतर के LNG निर्यात का करीब 17 प्रतिशत है। कतर ने बताया है कि नुकसान की मरम्मत में 3 से 5 साल लगेंगे और ये काम तभी शुरू हो सकता है, जब युद्ध पूरी तरह खत्म हो जाए।

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असर

पूरी दुनिया पर होगा असर

इस हमले का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। जिन 2 LNG ट्रेनों को नुकसान पहुंचा है, उनमें अमेरिका की दिग्गज तेल कंपनी एक्सॉनमोबिल की 64 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कतर से होने वाले LPG निर्यात में 13 प्रतिशत की गिरावट आएगी, जिससे भारत में गैस सिलेंडर की कीमतों में उछाल आ सकताहै। साथ ही हीलियम के उत्पादन में 14 प्रतिशत, कंडेनसेट निर्यात में 24 प्रतिशत और नेफ्था और सल्फर के उत्पादन में 6-6 प्रतिशत की गिरावट आएगी।

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बयान

कतर ने कहा- ऊर्जा विकास 20 साल पीछे खिसका

काबी ने चेतावनी दी है कि वैश्विक शक्तियों को तेल और गैस सुविधाओं को युद्ध के दायरे से बाहर रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस हमले ने कतर और पूरे मध्य-पूर्व के ऊर्जा विकास को कम से कम 20 साल पीछे धकेल दिया है। उन्होंने कहा, "मैं कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था कि रमजान के महीने में एक मुस्लिम देश हम पर इस तरह का हमला करेगा।"

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