ईरान ने दी 'निर्णायक समय' की चेतावनी, अमेरिका ने इजरायल में की विमान तैनाती की तैयारी
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य गतिरोध अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। ईरान द्वारा 'जीरो ऑवर' (निर्णायक समय) की चेतावनी दिए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के महत्वपूर्ण विस्तार पर विचार किए जाने के मद्देनजर अमेरिका ने अब इजरायल को दर्जनों अतिरिक्त हवाई ईंधन भरने वाले विमान भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
चेतावनी
ईरान ने क्या दी है चेतावनी?
ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बयान में कहा गया है, "देश के जल क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की नौसैनिक टुकड़ियां उसकी लगातार निगरानी में हैं और अब उनके खिलाफ संभावित सैन्य ऑपरेशन का 'जीरो आवर' करीब आ रहा है। देखते हैं क्या होता है।"
हालांकि, ईरानी सेना ने अब तक इजरायल पर सीधे हमला करने से परहेज किया है, क्योंकि इससे इजरायल व्यापक प्रतिक्रिया दे सकता है।
तैयारी
अमेरिका ने क्या की है तैयारी?
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में इजरायल में विमान भेजने के साथ मौजूदा होर्मूज जलडमरूमध्य संकट से आगे बढ़कर ईरान के भीतर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों, पावर प्लांट्स और भूमिगत परमाणु-लिंक्ड ठिकानों (जैसे पिकएक्स माउंटेन साइट) को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
राष्ट्रपति ट्रंप इस बार ईरान को इतना नुकसान पहुंचाना चाहते हैं कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर उनकी मांग स्वीकार करने पर मजबूर हो जाए।
स्थिति
वर्तमान में क्या है स्थिति?
अमेरिका के पास वर्तमान में तेल अवीव के पास बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 30 सैन्य ईंधन भरने वाले विमान तैनात हैं और दक्षिणी इजरायल में रामोन हवाई अड्डे पर भी लगभग उतनी ही संख्या में विमान हैं।
इजरायली अधिकारियों ने एक्सियोस से कहा कि अमेरिका आने वाले दिनों में कई दर्जन और विमान तैनात करना चाहता है, जिससे बेड़े को लगभग उस स्तर पर बहाल किया जा सके जो संघर्ष की शुरुआत में था।
निशाना
अमेरिका ने बंदर अब्बास के पास पुलों को निशाना बनाया
होर्मूज जलडमरूध्य और उसके आसपास ईरानी ठिकानों पर पिछले 7 दिनों से अमेरिकी हमले जारी हैं।
अमेरिकी बलों ने बंदर अब्बास बंदरगाह के पास 7 प्रमुख पुलों को बमबारी कर नष्ट कर दिया है, जो IRGC के लिए आपूर्ति का मुख्य जरिया थे।
इस बीच ईरान ने भी जॉर्डन, कतर, बहरीन, इराक और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज कर दिए हैं।
ईरान का दावा है कि उसने कई अमेरिकी विमानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।