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अपने पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल होंगे मोजतबा, सामने आया ये कारण
अपने पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल होंगे मोजतबा

अपने पिता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं शामिल होंगे मोजतबा, सामने आया ये कारण

लेखन गजेंद्र
Jul 03, 2026
10:42 am

क्या है खबर?

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उनके बेटे और ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं होंगे। इंडिया टुडे ने भारत में खामेनेई के प्रतिनिधि अयातुल्ला हकीम इलाही के हवाले से यह बात कही। उन्होंने कहा कि मोजतबा के सार्वजनिक रूप से उपस्थित होने की संभावना नहीं है, क्योंकि अधिकारी उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकते। शुक्रवार को अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

सुरक्षा

मोजतबा की सुरक्षा की चिंता

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेहरान के लिए रवाना होने से पहले, इलाही ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा चिंताओं से प्रेरित है। उन्होंने कहा, "मैं पिछले हफ्ते ईरान में था और वहां अपने कुछ दोस्तों से मिला, जो उनसे मिले थे। उन्होंने बताया कि वह बाहर आना चाहते हैं। वह लोगों से मिलना चाहते हैं। लेकिन सुरक्षा उन्हें आने की इजाजत नहीं दे रही है।" उन्होंने कहा कि वह बाहर नहीं आएंगे।

अंतिम संस्कार

खामेनेई और उनके परिवार का सामने आया ताबूत, 6 जुलाई को निकलेगी अंतिम यात्रा

अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गए अली खामेनेई और उनके परिवार के 5 सदस्यों का ताबूत ईरानी जनता के सामने लाया गया है। शुक्रवार को उनकी पोती समेत सभी का ताबूत तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला पहुंचा, जहां लोगों ने मातम मनाया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी अंतिम यात्रा 6 जुलाई से शुरू होगी, जो 9 जुलाई को मशहद में समाप्त होगी। यहीं खामेनेई और उनके परिवार का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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यात्रा

कांग्रेस की तरफ से सलमान खुर्शीद जाएंगे तेहरान

ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के विदेश विभाग के प्रभारी सलमान खुर्शीद और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्यौता दिया है। कांग्रेस की ओर से खुर्शीद तेहरान जाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा खुले तौर पर भारत का समर्थन किया है और कभी नई दिल्ली के रुख को लेकर शिकायत नहीं की। उन्होंने कहा कि भारत को इस शोक की घड़ी में ईरान के साथ होना चाहिए।

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ट्विटर पोस्ट

अली खामेनेई का ताबूत

ट्विटर पोस्ट

खामेनेई की पोती का ताबूत

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