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ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या ने मोजतबा खामेनेई की चिंता बढ़ाई, ये कहा
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या चिंता जताई है

ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या ने मोजतबा खामेनेई की चिंता बढ़ाई, ये कहा

लेखन गजेंद्र
Mar 20, 2026
07:46 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और इजरायल से दो तरफा जंग लड़ रहे ईरान ने बीते 20 दिन में अपने कई बड़े नेता और अधिकारी खो दिए हैं, जिससे उनके शीर्ष नेतृत्व में खालीपन आ गया है। इस बीच, सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बुधवार को इजरायली हमले में मारे गए ईरानी खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या के बाद इसका जोरदार तरीके से बदला लेने की बात कही है। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा कि खालीपन की दोगुने तरीके से भरपाई हो।

चिंता

मोजतबा ने क्या कहा?

मोजतबा ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि शहीद हुए खुफिया मंत्री के जाने से जो खालीपन आया है, उसकी भरपाई उस संवेदनशील मंत्रालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के दुगुने प्रयासों से की जानी चाहिए, ताकि घरेलू-विदेशी, दोनों तरह के शत्रुओं को सुरक्षा से वंचित किया जा सके और हमारे सभी ईरानी देशवासियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके।' इससे पहले उन्होंने खतीब का फोटो साझा कर उनकी शहादत पर संवेदनाएं अर्पित की थी।

जिम्मेदारी

ईरान के लिए कितने जरूरी थे खतीब?

खतीब खुफिया और सुरक्षा मंत्रालय के मंत्री और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स IRGC के नजदीक थे। उनकी मुख्य जिम्मेदारियां आंतरिक सुरक्षा, अंदरूनी विरोध-प्रदर्शन, साइबर गतिविधि और विदेशी घुसपैठ पर नजर रखनी थी। उन्होंने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के नेटवर्क को तोड़कर परमाणु कार्यक्रम के दस्तावेज हासिल किए और विदेशों में विरोधियों पर निगरानी की। उनपर अमेरिका 2021 में प्रतिबंध लगा चुका था। वे सर्वोच्च नेता के ऑफिस की सुरक्षा, न्यायिक सुरक्षा केंद्र और रजवी श्राइन के सुरक्षा प्रमुख रहे थे।

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चिंता

खतीब के जाने से मोजतबा क्यों बौखलाएं?

ईरान में खुफिया-सुरक्षा मंत्रालय मुख्य नागरिक एजंसी है, जबकि IRGC एक इस्लामिक बल है। दोनों के बीच खतीब का अच्छा वर्चस्व था, जो अब मुश्किल दिख रहा है। खतीब ने विरोध को देश के लिए जासूसी माना था। वे मंत्रालय और IRGC के बीच संतुलन बनाए रखते थे। मोजतबा को चिंता है कि उनके बाद इसी संतुलन में इजरायली घुसपैठ से संकट न आए। पद पर खतीब जैसे विश्वासपात्र, जानकार और अनुभवी की जल्दी नियुक्ति का काम तेज है।

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मौत

ईरान में अब तक 8 बड़े लोगों की मौत

इजरायल-अमेरिका ने मिलकर ईरान पर 28 फरवरी को हमले शुरू किए, जिसके बाद से इस्लामिक देश के सर्वोच्च नेता समेत 8 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले अयातुल्लाह अली खामेनेई को मारा गया। इसके बाद चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मुसावी, रक्षामंत्री अजीज नासिरजादेह, IRGC प्रमुख मोहम्मद पाकपोर, सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली शमखानी की हत्या हुई। पिछले दिनों ईरानी सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी, बासिज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खिताब मारे गए हैं।

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