ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी चेतावनी, कहा- समझौते की शर्तें मानने तक बंद रहेगा
क्या है खबर?
ईरान की संसद के स्पीकर और अमेरिका के साथ बातचीत करने वाले शीर्ष वार्ता मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक बार फिर अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि होर्मुज तब तक दोबारा नहीं खुलेगा, जब तक घेराबंदी नहीं हटाई जाती और अवरुद्ध संपत्तियां जारी नहीं की जातीं। गलिबाफ ने आगे कहा कि अमेरिका को तेल प्रतिबंध हटाना होगा और सभी मोर्चों पर सैन्य खतरे और अभियान समाप्त करने होंगे।
शर्त
समझौते की सभी शर्तें पूरी करनी होगी- गलिबाफ
गलिबाफ ने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि जब तक अमेरिका द्वारा समझौता ज्ञापन में की गई शर्तों को लागू नहीं किया जाता, तब तक जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। इनमें नाकाबंदी हटाना, जब्त की गई संपत्तियों को जारी करना, तेल प्रतिबंधों को हटाना, सभी मोर्चों पर धमकियों, सैन्य अभियानों को समाप्त करना और अमेरिका द्वारा समझौता ज्ञापन में सहमति व्यक्त व्यक्त करने वाली अन्य शर्तें शामिल हैं।"
गलिबाफ जल्द ही इराक का दौरा करेंगे।
ऐलान
अराघची ने इजरायल पर कूटनीति बाधित करने का आरोप लगाया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल पर कूटनीति को सक्रिय रूप से बाधित करने और देश को अमेरिका के साथ स्थायी युद्धविराम समझौते में प्राथमिक बाधा बताया है।
उन्होंने कहा, "जायोनी शासन समझौता ज्ञापन के कार्यान्वयन में सबसे बड़ा विरोधी और बाधा रहा है और अभी भी है। उन्होंने इस तरह के समझौते को होने से रोकने, इसे विफल करने और इसे लागू होने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया।"
बातचीत
ट्रंप ने ईरान को आत्मसमर्पण को कहा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अब बातचीत को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं और न ही हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) पर विस्तार चाहते हैं।
उन्होंने मीडिया से कहा कि अमेरिका ईरान से खत्म हो चुके समझौता ज्ञापन के विस्तार की मांग नहीं कर रहा, तेहरान को आत्मसमर्पण करना चाहिए।
उन्होंने ईरान और अमेरिका बीच बातचीत की कोशिश कर रहे ओमान को धमकी दी कि अगर ओमान "बाधा डालता है" तो अमेरिका उस पर बमबारी करेगा।