ईरान ने युद्धविराम के बदले शर्तें रखीं, अमेरिका को खाड़ी देशों से हटाना होगा सैन्य अड्डा
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को युद्धविराम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है, जिसके बाद ईरान ने भी अपनी कुछ शर्तें रखी हैं। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट से सामने आई है, जिसमें दोनों देशों के बीच बातचीत से परिचित लोगों का हवाला दिया गया है। ईरान ने युद्धविराम वार्ता में फिर से शामिल होने के लिए शर्त रखी है कि अमेरिका को खाड़ी में स्थित अपने सभी सैन्य ठिकानों को बंद करने होंगे।
शर्त
IRGC तय करेगा बातचीत की शर्तें
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की स्थिति और शर्तें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की ओर से तय की जाएगी, जो ईरान में मजबूत स्थिति में है। रिपोर्ट में अरब और अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि ईरान की कड़ी मांगों के कारण समझौता मुश्किल हो सकता है और संघर्ष बढ़ सकता है। बताया जा रहा है कि राजनयिक संदेशों का आदान-प्रदान वाशिंगटन-तेहरान के बजाय क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से हुआ है।
शर्तें
ईरान ने ये रखी शर्तें
ईरानी प्रतिनिधियों ने मांग की है कि खाड़ी में अमेरिकी सैन्य अड्डे बंद हो, ईरान पर हुए हमलों के लिए वित्तीय मुआवज़ा मिले, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क वसूलने की अनुमति मिले, जैसे मिस्र की स्वेज नहर को है। इसके अलावा हमले दोबारा शुरू न करने, ईरान समर्थित लेबनानी मिलिशिया हिज़्बुल्लाह पर इज़राइली हमलों का अंत, ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाना शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों ने इन मांगों को "हास्यास्पद और अवास्तविक" बताया है।
एजेंडा
ट्रंप ने भी दिया है 15 सूत्रीय एजेंडा
राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बताया कि ईरान में 'सही लोगों' से बातचीत चल रही है और वे परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन तेहरान के साथ बातचीत में लगा है और अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सुखद संकेत मिला है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान को 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है और चर्चा में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।