ईरान के विदेश मंत्री ने युद्धविराम से किया इनकार, कहा- पिछले साल जैसी स्थिति नहीं चाहते
क्या है खबर?
अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी युद्ध के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान किसी भी सूरत में युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा और वह पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा से पैदा नहीं करना चाहते हैं। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों के बाद आया है, जिन्होंने कहा था कि वह ईरान के साथ युद्धविराम नहीं करना चाहते हैं। आइए जानते हैं अराघची ने मामले में क्या-क्या कहा है।
बयान
अराघची ने क्या दिया बयान?
अराघची ने कहा, "ईरान किसी भी सूरत में युद्धविराम स्वीकार नहीं करेगा। वह नहीं चाहते कि पिछले साल जैसी स्थिति फिर से उत्पन्न हो।" उन्होंने आगे कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य के रूप में महत्वपूर्ण तेल मार्ग केवल दुश्मन देशों के जहाजों के लिए बंद है। उनके सहयोगी और निष्पक्ष देशों के जहाजों को इससे कोई खतरा नहीं है।" बता दें कि ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में गत 2 मार्च को इस जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया था।
तुलना
अराघची ने वियतनाम से की अमेरिका की तुलना
अराघची ने मौजूदा संघर्ष पर अमेरिकी सरकार के बयानों के लहजे की तुलना वियतनाम युद्ध के दौरान की गई अत्यधिक आशावादी सैन्य ब्रीफिंग से की है। उन्होंने कहा, "अमेरिकी यह नहीं भूले हैं कि कैसे, जब वियतनाम में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे जा रहे थे और परिणाम पहले से ही स्पष्ट था, तब जनरल विलियम वेस्टमोरेलंड को यह आश्वासन देने के लिए वापस बुलाया गया था कि अमेरिका जीत रहा है।" यह उनकी हार के बाद का आत्मविश्वास था।
स्थिति
अराघची ने मौजूदा स्थिति से की तुलना
अराघची ने वर्तमान स्थिति से तुलना करते हुए कहा, "आज की बात करें, तो वही कहानी, अलग मंच, हेगसेथ मंच पर आते हैं और संदेश अभी भी वास्तविकता से परे है।" उन्होंने कहा, "जैसे ही अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि ईरान की हवाई सुरक्षा ध्वस्त हो गई है, एक F-35 विमान पर हमला हो गया।" उन्होंने बताया कि ईरानी नौसेना को समाप्त घोषित करने के बावजूद USS जेराल्ड फोर्ड वापस लौट आया और अब्राहम लिंकन और दूर चला गया।
इनकार
ट्रंप ने युद्ध विराम से किया इनकार
इससे पहले सुबह व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने युद्धविराम की संभावना से इनकार करते हुए कहा, "देखिए, हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मैं युद्धविराम नहीं चाहता। आप जानते हैं, जब आप दूसरे पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हों तो युद्धविराम नहीं किया जाता है।" उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता पाने के लिए बहुत मदद की जरूरत है। अगर चीन और जापान जैसे देश इसमें शामिल हों तो अच्छा होगा।"