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ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर फैसला, दुश्मन को छोड़कर सभी जहाजों के लिए खुला रहेगा मार्ग
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर बड़ा फैसला लिया है

ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर फैसला, दुश्मन को छोड़कर सभी जहाजों के लिए खुला रहेगा मार्ग

Mar 22, 2026
05:11 pm

क्या है खबर?

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को गुजरने देने के अपने रुख में नरमी दिखाई है। संयुक्त राष्ट्र में उसके वरिष्ठ प्रतिनिधि ने कहा है कि यह जलमार्ग दुश्मन जहाजों को छोड़कर सभी प्रकार के जहाजों के लिए खुला है। यहां उसका दुश्मन से मतलब इजरायल और अमेरिका से है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटों में जलमार्ग को न खोलने की स्थिति में ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमला करने की धमकी देने के बाद आया है।

बयान

ईरान ने क्या दिया बयान?

अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसावी ने रविवार को कहा कि ईरान के दुश्मनों से जुड़े न होने वाले जहाज तेहरान के साथ सुरक्षा और संरक्षा व्यवस्था का समन्वय करके होर्मूज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान खाड़ी में समुद्री सुरक्षा में सुधार और नाविकों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र निकाय के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने इजरायल और अमेरिका को वर्तमान स्थिति की जड़ करार दिया है।

दावा

कूटनीति ईरान की प्राथमिकता- मूसावी

मूसावी ने कहा कि कूटनीति ईरान की प्राथमिकता बनी हुई है। हालांकि, आक्रामकता की पूर्ण समाप्ति के साथ-साथ आपसी विश्वास और भरोसा अधिक महत्वपूर्ण है। बता दें कि ईरान ने 28 फरवरी को ऊर्जा आपूर्ति के उस महत्वपूर्ण मार्ग को बंद कर दिया, जिससे होकर वैश्विक तेल और द्रवीकृत गैस का 5वां हिस्सा गुजरता है। ईरान ने उस समय कहा था कि वह अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों तक एक लीटर तेल भी नहीं पहुंचने देगा।

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चेतावनी

ट्रंप ने ईरान को दी थी सीधी चेतावनी

ट्रंप ने शनिवार रात ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, 'अगर ईरान ने 48 घंटे के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और बिना किसी खतरे के नहीं खोला, तो अमेरिका उनके कई बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा और शुरुआत सबसे बड़े से होगी।' इस बयान ने साफ कर दिया था कि अमेरिका अब सीधे ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की तैयारी में है।

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संकट

ईरान के कदम से पैदा हुआ वैश्विक ऊर्जा संकट

ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान ईरानी हमलों के खतरे ने अधिकांश जहाजों को संकरे जलडमरूमध्य से गुजरने से रोक दिया। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका ने जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक नौसैनिक गठबंधन बनाने की कोशिश की है। इसी तरह अधिकांश NATO सहयोगी देशों का कहना है कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों में शामिल नहीं होना चाहते हैं।

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