संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा- हम परमाणु तकनीक से वंचित नहीं रहेंगे
क्या है खबर?
अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने भाषण में इस्लामिक देश को आतंकवाद का शिकार बताया। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों के वॉकआउट के बाद भी अपना भाषण जारी रखा और कहा कि उन्होंने अमेरिका और इजरायल के आगे कभी घुटने नहीं टेके। उन्होंने परमाणु तकनीक प्राप्त करने के लिए ईरान की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि वह अपने उस अधिकार को कभी नहीं छोड़ेंगे, जो स्वाभाविक रूप से उनका है।
बयान
क्या बोले पेजेश्कियन?
पेजेश्कियन ने कहा, "हमने सिर्फ अपनी रक्षा की है। हम आतंकवादी नहीं। हमारे निर्दोष लोग कायरतापूर्ण हमलों और हमारे देश पर थोपी गई आक्रामकता का निशाना बने हैं। हमने पूरी ताकत से अपनी रक्षा की। अमेरिका और इज़रायल ने हम पर हमला किया, लेकिन हमने घुटने नहीं टेके।"
उन्होंने कहा, "मैं ऐसे ईरान से आता हूं जहां हमारे आदरणीय सर्वोच्च नेता की हत्या बिना किसी कानूनी ढांचे या कारण के कर दी गई थी।"
तस्वीर
मिनाब में मारे गए बच्चों की तस्वीर दिखाई
पेज़ेश्कियन ने अपने संबोधन के दौरान मीनाब स्कूल हमले के पीड़ितों की तस्वीरें भी दिखाईं, जिनका इस्तेमाल उन्होंने संघर्ष में मारे गए निर्दोष नागरिकों को उजागर करने के लिए किया।
उन्होंने कहा, "मैं ईरान से आता हूं, जहां सचमुच एक स्कूल पर बमबारी की गई। क्या आप इन बच्चों को देख रहे हैं? ये बच्चे अमेरिका और इजरायल द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियारों से हुए बमों के नीचे दबकर मारे गए। वे निर्दोष थे, उन्होंने कोई अपराध नहीं किया था।"
बयान
परमाणु हथियार पर क्या बोले पेजेश्कियन?
पेजेश्कियन ने 22-28 सितंबर तक चलने वाले महासभा के 81वें सत्र में कहा, "क्या हम अस्थिरता के स्रोत हैं? हम तो केवल स्वतंत्र रूप से जीना चाहते हैं।"
उन्होंने परमाणु ऊर्जा पर कहा, "हम अपना सिर नहीं झुकाएंगे और उस अधिकार को नहीं छोड़ेंगे जो स्वाभाविक रूप से हमारा है। हम साफ कहते हैं, कोई परमाणु हथियार नहीं, और शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक से वंचित रहना भी नहीं।"
उन्होंने कहा कि ईरान शांतिपूर्ण परमाणु जानकारी से वंचित रहना स्वीकार नहीं करेगा।