ईरान ने भारत और इराक समेत कई देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की छूट दी
क्या है खबर?
ईरान की संसद ने भारत समेत कई देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की छूट दे दी है। यह निर्णय मंगलवार को लिया गया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष अहमद हयात-मोगद्दाम ने बताया कि भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को पाबंदियों से छूट दी गई है। आर्थिक और सुरक्षा हालात की समीक्षा करने वाली एक बैठक में उन्होंने कहा कि ये देश बिना रोक-टोक के जलमार्ग से आ-जा सकते हैं।
छूट
क्या है कारण?
हयात-मोगद्दाम ने कहा कि ईरान कतर के जहाजों पर ट्रांजिट टोल नहीं लगाता है, जबकि भारत और चीन से ट्रांजिट टोल लेता है। हर छूट खास बातों और समझौतों के आधार पर दी गई थी।
उन्होंने कहा, "हम व्यापार कर रहे हैं, और इनमें से हर छूट का एक अलग कारण है। भारत की छूट ईरान में दवा के आयात को आसान बनाने के लिए है, जबकि चीन की छूट का मकसद बीजिंग से राजनीतिक समर्थन पाना है।"
महत्वपूर्ण
भारत के लिए होर्मुज क्यों जरूरी है?
होर्मुज भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल बाहर से मंगवाता है, और अभी लगभग 30 प्रतिशत इसी पानी के रास्ते से आता है।
पहले भारत का लगभग 70 प्रतिशत कच्चा तेल इसी जलडमरूमध्य से आता था। हालांकि, अमेरिका और ईरान तनाव बढ़ने के बाद आपूर्ति स्रोत को अलग-अलग कर दिया गया है।
इस मार्ग पर फरवरी के बाद 70 हमले हुए हैं, जिसमें 24 भारतीय मारे गए हैं।