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ईरान ने इस्लामाबाद नहीं भेजा प्रतिनिधिमंडल, कहा- लेबनान में युद्ध रूकने तक कोई बातचीत नहीं
लेबनान पर घातक इजरायली हमले के बाद का मंजर

ईरान ने इस्लामाबाद नहीं भेजा प्रतिनिधिमंडल, कहा- लेबनान में युद्ध रूकने तक कोई बातचीत नहीं

लेखन गजेंद्र
Apr 10, 2026
08:55 am

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के युद्धविराम सहमति को लेकर शुक्रवार 10 अप्रैल को पहले दौर की वार्ता होनी है, जो लटकती दिख रही है। दरअसल, इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं, जिसके विरोध में ईरान ने किसी भी तरह की शांति बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद भेजने से मना कर दिया है। ईरान का कहना है कि जब तक लेबनान में युद्ध नहीं रुकेगा, वह बातचीत नहीं करेगा।

बातचीत

ईरान ने प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने का खंडन किया

अमेरिका के वॉल स्ट्रीट जनरल ने खबर दी थी कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से बातचीत के लिए इस्लामाबाद में प्रवेश कर चुका है। इस पर ईरानी फ़ार्स न्यूज़ ने कहा कि यह खबर गलत है, जब तक लेबनान में युद्धविराम स्थापित नहीं हो जाता, ईरान की इस्लामाबाद में अमेरिकी पक्ष के साथ शांति वार्ता में भाग लेने की कोई योजना नहीं है। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी ने कहा कि बातचीत स्थगित कर दी गई है।

हमला

शुक्रवार को भी लेबनान पर दागे गए रॉकेट

समझौता वार्ता शुरू होने से पहले इजरायली सेना का लेबनान पर हमला जारी है। शुक्रवार तड़के सेना ने लेबनान में 10 रॉकेट लॉन्चर हमला किया है। सेना का कहना है कि हिज्बुल्लाह ने इजरायल की ओर एक मिसाइल दागी, जिसके चलते हवाई हमले के सायरन बजने लगे। हालांकि, उसे रोक दिया गया। बुधवार को इजरायल ने लेबनान पर सबसे घातक हमला किया, जिसमें 250 से अधिक लोग मारे गए हैं।

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चेतावनी

ईरान ने दी चेतावनी

ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गलिबाफ ने एक बयान जारी कर कहा कि 10-सूत्रीय प्रस्ताव के बिंदु एक के तहत लेबनान और पूरा रेजिस्टेंस एक्सिस, ईरान के सहयोगी के तौर पर, युद्ध का एक अहम हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लेबनान मुद्दे पर सबके सामने और साफतौर पर ज़ोर दिया, जिससे पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने युद्धविराम तोड़ने की कीमत चुकाने और सख्त जवाब की बात कहकर आग बुझाने को कहा है।

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समझौता

लेबनान युद्धविराम में शामिल नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्तों का अस्थायी युद्धविराम हुआ है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और हमले रोकने की शर्त थी। हालांकि, इजरायल ने लेबनान के खिलाफ युद्धविराम समझौता मानने से इनकार कर दिया और कुछ ही घंटों में बेरूत और 100 जगह सबसे बड़ा हमला किया। हिज्बुल्लाह ने भी इसके जवाब में रॉकेट दागे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है।

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