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ईरान ने बहरीन में अमेजन डेटा सेंटर और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर क्रूज मिसाइल दागी
ईरान ने बहरीन में अमेजन डेटा सेंटर पर क्रूज मिसाइल दागी

ईरान ने बहरीन में अमेजन डेटा सेंटर और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर क्रूज मिसाइल दागी

लेखन गजेंद्र
Jul 21, 2026
05:30 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के हमलों का ईरान भी मजबूती से जवाब दे रहा है। मंगलवार को उसने बहरीन और जॉर्डन में क्रूज मिसाइल से हमला कर बुनियादी ढांचों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाने पर लिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बताया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन में अमेरिकी कंपनी अमेजन से संबंधित केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को कई क्रूज मिसाइलों से नष्ट कर दिया। हालांकि, अभी तक बहरीन, अमेरिका या अमेजन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है।

हमला

ईरान ने अमेजन सेंटर को दूसरी बार बाया निशाना

यह इस साल दूसरी बार है, जब ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेजन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया है।

समझौता होने से पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन में हमला हुआ था, जिससे बैंकिंग और अमेजन के क्लाउड पर निर्भर अहम सिस्टम बाधित हुए थे।

ईरान ने मंगलवार का हमला 'ऑपरेशन नस्र 2' नामक सैन्य अभियान के 24वें चरण के तहत किया है।

उसने बहरीन के मुहर्रक और रिफ़ा में अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों पर भी मिसाइल दागी।

हमला

जॉर्डन में अमेरिकी लड़ाकू विमान ध्वस्त

IRGC ने जॉर्डन में भी हमला कर एक मिसाइल रक्षा रडार प्रणाली और अमेरिकी वायु सेना का एक F-15 लड़ाकू विमान को नष्ट करने का दावा किया है।

बता दें कि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े का मुख्यालय है, जो अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) की मुख्य नौसैनिक शक्ति है। CENTCOM लगातार ईरान पर हमले कर रहा है।

कुवैती विद्युत मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि ईरानी हमलों से कई बिजली और जल संयंत्रों में आग लग गई है।

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 चेतावनी

ईरान ने अमेरिकी कंपनियों को चेतावनी दी

ईरानी फार्स न्यूज़ के अनुसार, IRGC ने अमेजन पर हमले के बाद चेतावनी दी है कि और भी हमले हो सकते हैं।

IRGC ने 18 अमेरिकी टेक कंपनियों माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, सिस्को और गूगल को भी चेतावनी दी है कि वे हमले के वैध लक्ष्य हैं।

ईरान का तर्क है कि ये कंपनियां अमेरिकी सेना और खुफिया ऑपरेशन्स में मदद करती हैं। ईरान ने संकेत दिया है कि खाड़ी देशों में अमेरिकी टेक कंपनियां अब हमले से सुरक्षित नहीं हैं।

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