होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ेगी दिक्कतें, ईरान युद्ध के बाद सख्ती करेगा
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान के पास स्थित संकरा समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य भी प्रभावित है। ईरान यहां से कई देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति नहीं दे रहा। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वह अपने दुश्मन देशों को इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने क्लैश रिपोर्ट के साथ साक्षात्कार में कहा कि भविष्य में इस मार्ग से जहाजों के गुजरने के लिए नई व्यवस्था तैयार करेंगे।
नियम
क्या बोले अराघची?
अराघची ने कहा, "हमारे नज़रिए से, यह एक ऐसा जलमार्ग है जो ईरान के ठीक बगल में स्थित है। जाहिर है, हम अपने दुश्मनों को इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देंगे। हमें होर्मुज जलडमरूमध्य और युद्ध के बाद भविष्य में इससे जहाजों के गुजरने के तरीके के लिए नई व्यवस्थाएं तैयार करने की जरूरत है। मेरा मानना है कि युद्ध के बाद, पहला कदम होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नया प्रोटोकॉल तैयार करना होना चाहिए।"
ट्विटर पोस्ट
अब्बास अराघची का नया बयान
Iran's Foreign Minister Abbas Araghchi on the Strait of Hormuz:
— Clash Report (@clashreport) March 18, 2026
From our perspective, this is a waterway located next to Iran. Naturally, we will not allow our enemies to use this waterway.
We need to design new arrangements for the Strait of Hormuz and the way ships pass… pic.twitter.com/WIyVFn2YfO
जलमार्ग
दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य कितना जरूरी है?
फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच यह संकरी जलडमरूमध्य करीब 21 मील चौड़ा है। इससे दुनिया का का 20 प्रतिशत यानी 2 करोड़ मिलियन बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं। इसके बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें तो बढ़ेंगी ही। साथ में, एशियाई देशों में खाड़ी देशों से 80 से 90 प्रतिशत होने वाली ईंधन की आपूर्ति भी प्रभावित होगी। यह मार्ग बंद होने से अमेरिका और यूरोपीय देशों पर ज्यादा असर पड़ेगा।