क्या ट्रंप के धोखे से आहत होकर कैरोलिन लीविट ने दिया इस्तीफा? ईरान का अजीबोगरीब दावा
क्या है खबर?
पिछले दिनों अमेरिका के व्हाइट हाउस की तेजतर्रार प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट के इस्तीफे ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। लेविट ने यह कहकर अपना इस्तीफा दिया है कि वह अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहती हैं और अपने छोटे बच्चों को समय नहीं दे पा रही हैं, जिसका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वागत किया। हालांकि, अब दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने लेविट के इस्तीफे के पीछे ट्रंप की तुर्की यात्रा को बताया है।
इस्तीफा
लेविट ने क्या कहा था?
लेविट ने पिछले हफ्ते घोषणा की थी कि वह अगस्त के अंत में अपना पद छोड़ देंगी।
उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहती हैं और प्रेस सचिव के पद की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने दो छोटे बच्चों को उतना समय नहीं दे पा रही हैं जितना उन्हें मिलना चाहिए।
इस पर ट्रंप ने कहा कि वह उनके फैसले का सम्मान करते हैं और कहा कि वह बाहरी सलाहकार के रूप में बनी रहेंगी।
दावा
ईरान ने क्या दावा किया?
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने लेविट की एक तस्वीर साझा करते हुए एक्स पर लिखा, 'धोखा बहुत बुरा होता है। जब आपका बॉस आपको धोखा देकर खतरे में डाल देता है और खुद एक फूड ट्रक में भाग जाता है, तो साथ काम करने वालों पर से आपका भरोसा उठ जाता है। बेशक, आप एक हत्यारे से इससे ज़्यादा की उम्मीद भी नहीं कर सकते। कैरोलीन लेविट, आपने इस्तीफा देकर अच्छा किया।'
जानकारी
लेविट की जान खतरे में डाली?
ईरानी दूतावास ने अपनी पोस्ट के जरिए बताया कि ट्रंप ने लेविट को खतरे में छोड़कर खुद दूसरे विमान से भागकर उनके साथ विश्वासघात किया है। क्योंकि ट्रंप के प्रेस सचिव और पत्रकार एयरफोर्स वन में थे, जबकि ट्रंप छोटे विमान में सवार हुए थे।
घटना
ईरान ने किस घटना को लेकर किया दावा?
ईरानी दूतावास ने उस घटना को लेकर यह दावा किया है, जिसमें ट्रंप 8 जुलाई को तुर्की के अंकारा से रवाना होते समय एयरफोर्स वन के विमान में न बैठकर एक छोटे एयरफोस सी-32ए विमान में बैठे थे।
दरअसल, खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप की सुरक्षा के लिए उनको ट्रंप विमान के अंदर से एक फूड ट्रक में छिपाकर छोटे विमान में स्थानांतरित किया था। जिसमें बैठकर ट्रंप ब्रिटेन गए।
ब्रिटेन पहुंचने पर ट्रंप एयरफोर्स वन पर बैठे और अमेरिका पहुंचे।