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ईरान ने फिर से बंद किया होर्मूज जलडमरूमध्य, अमेरिका-इजरायल पर लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप
ईरान ने फिर बंद किया होर्मूज जलडमरूमध्य

ईरान ने फिर से बंद किया होर्मूज जलडमरूमध्य, अमेरिका-इजरायल पर लगाया समझौते के उल्लंघन का आरोप

Jun 20, 2026
07:57 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के साथ शांति समझौता होने के महज 3 दिन बाद ही ईरान ने होर्मूज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अंबिया हेडक्वार्टर ने इसका ऐलान किया है। ईरान ने इसके पीछे युद्ध खत्म करने वाले समझौते (MOU) का अमेरिका द्वारा उल्लंघन किए जाने, दक्षिणी लेबनान से सेना न हटाने और इजरायल द्वारा लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने को कारण बताया है।

चेतावनी

उल्लंघन जारी रहने पर और भी सख्त कदम उठाने की चेतावनी

ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा युद्धविराम का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। इजरायल भी लगातार लेबनान में हमले कर रहा है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है। कोई भी जहाज जलडमरूमध्य के पास न जाएं, नहीं तो उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। कमान ने चेतावनी भी दी है कि अगर उल्लंघन जारी रहता है, तो और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

उल्लंघन

ईरान ने बताया विश्वास का स्पष्ट उल्लंघन

ईरान की मेहर न्यूज के अनुसार, सैन्य कमान ने इजरायल के हमलों को विश्वास का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए कहा कि तेहरान हाल के घटनाक्रमों को युद्धविराम ज्ञापन में किए गए वादों का उल्लंघन मानता है। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल और गैस की बड़ी मात्रा में आवाजाही होती है। इस जलमार्ग से समुद्री यातायात में व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा और शिपिंग बाजारों में चिंताएं बढ़ सकती हैं।

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वादा

हमने वादों का पालन किया- ईरान

ईरान की वार्ता टीम मौजूदा संघर्ष से संबंधित अंतरिम समझौते पर अमेरिका के साथ बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड जा रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सरकारी टेलीविजन को बताया कि "किसी भी ज्ञापन या समझौते की असली परीक्षा तब होती है जब वह कार्यान्वयन चरण में प्रवेश करता है। हमने अपने वादों का पालन किया है और अमेरिका की यह जिम्मेदारी है कि वह इजरायल को लेबनान पर हमले रोकने के लिए मजबूर करे।"

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मांग

अमेरिका से की जाएगी सभी वादे पूरे करने की मांग- ईरान

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "स्विट्जरलैंड में हम अमेरिका से उसके वादों को लागू करने की मांग करेंगे और यह जानेंगे कि वे उन्हें कैसे पूरा करने का इरादा रखते हैं।" उन्होंने कहा कि अगर दूसरी पार्टी के कुछ वादे लागू नहीं किए गए तो समझौता मुश्किल में पड़ जाएगा। इधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि 21 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता होगी।

युद्धविराम

लेबनान में युद्धविराम के बाद ईरान उठाया कदम

ईरानी सैन्य कमान की यह घोषणा लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद हुई है। यह समझौता बढ़ती हिंसा के बीच हुआ, जिसने ईरान के संघर्ष और क्षेत्रीय स्थिरता से संबंधित व्यापक राजनयिक प्रयासों को खतरे में डाल दिया था। इस बीच, एक्सियोस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ संभावित परमाणु समझौते पर ईरान के साथ बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड पहुंचने वाले हैं।

इनकार

होर्मूज जलडमरूमध्य बंद होने के कोई सबूत नहीं- वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है किजलडमरूमध्य को बंद हो गया है। उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा, "ईरान के बयानों के विपरीत होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है। हमें ऐसा कोई सबूत नहीं मिल रहा है कि ईरानी अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रहे हैं। कल हमने होर्मुज जलडमरूमध्य से वास्तव में 1.60 करोड़ बैरल तेल निकाला है। आप उन जहाजों को चलते हुए देख रहे हैं।"

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