ईरान ने किया नतांज परमाणु केंद्र पर हमला होने का दावा, विकिरण रिसाव से किया इनकार
क्या है खबर?
मध्य-पूर्व में जारी मौजूदा तनाव के बीच ईरान के सबसे महत्वपूर्ण नतांज परमाणु केंद्र पर एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मिजान के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर यहां जबरदस्त बमबारी की है। हालांकि, हमले के बाद किसी भी तरह का विकिरण रिसाव होने से इनकार किया है। यानी अब परमाणु कचरा फैलने जैसा कोई खतरा नहीं है। धमाके के बाद आस-पास रहने वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।
हमला
अमेरिका के युद्ध खत्म करने के संकेतों की बीच हुआ हमला
नतांज परमाणु केंद्र यह हमला अमेरिका के युद्ध खत्म करने के संकेतों के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह इस क्षेत्र में सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने तीन अतिरिक्त उभयचर हमलावर जहाजों और लगभग 2,500 मरीन सैनिकों को तैनात किया है। ट्रंप की ये टिप्पणियां ईरान द्वारा वैश्विक स्तर पर मनोरंजन और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की धमकी के बाद आई हैं।
जांच
IAEA ने शुरू की मामले की जांच
ईरान ने हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (IAEA) को भी सूचित किया है। उसने स्पष्ट कर दिया है कि संयंत्र के बाहर विकिरण स्तर में वृद्धि नहीं देखी गई है। इसके बाद IAEA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। IAEA के महानिदेशक ने परमाणु दुर्घटना के किसी भी खतरे से बचने के लिए अमेरिका और इजरायल से सैन्य संयम बरतने की अपील दोहराई है। इजरायल रक्षा बल (IDF) ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
पुनरावृत्ति
नतांज परमाणु केंद्र पर पहले भी हो चुका है हमला
ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर युद्ध के शुरुआती दौर में भी हमला किया जा चुका है। उपग्रह चित्रों में कई इमारतों को नुकसान दिखाई दिया था। उस समय संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा था कि हमले से कोई रेडियोलॉजिकल परिणाम नहीं हुए थे। तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित यह सुविधा अतीत के संघर्षों में भी बार-बार निशाना बन चुकी है, जिसमें 2025 में अमेरिका द्वारा किया गया हमला भी शामिल है।
प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाया
अमेरिकी प्रशासन ने जहाजों पर पहले से लदे ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को 30 दिन के लिए हटा दिया है। यह कदम ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम करने की दिशा में कदम उठाया है, क्योंकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर रही हैं। इस बीच जमीन पर संघर्ष तेज होता जा रहा है। इजरायल ने कहा कि ईरान ने शनिवार तड़के कई मिसाइल हमले किए हैं। सऊदी अरब ने 20 ड्रोन की सूचना दी है।