ईरान ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को चुनौती दी, कहा- हमारी 2 साल की योजना तैयार
क्या है खबर?
अमेरिका ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बताया जा रहा है। हालांकि, ईरान का कहना है कि वह इससे निपटने के लिए तैयार है। ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिज़ादेह ने अमेरिका की 'एक और हार' की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वॉशिंगटन के नए प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए तेहरान के पास '2 साल की योजना' है। उन्होंने कहा, अमेरिका एक और हार चाहता है।
बयान
क्या बोले मदानिजादेह?
मदानिजादेह ने सरकारी ईरानी टेलीविजन से कहा, "उन्होंने ईरानी लोगों और देश के अधिकारियों के संकल्प को परखने के लिए हर संभव कोशिश की है, लेकिन वे हर बार नाकाम रहे हैं। ऐसा लगता है कि वे एक और हार का सामना करना चाहते थे।"
उन्होंने आगे कहा, "हम इन योजनाओं का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, और सरकार तैयार थी और इन आयोजनों के प्रबंधन के लिए उसके पास 2 साल की योजना है।"
प्रतिबंध
अमेरिका क्या लगाने जा रहा रहा नया प्रतिबंध?
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के खिलाफ आर्थिक 'डी-डे' (निर्णायक दिन) की शुरुआत हो रही है, जो किसी दुश्मन के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक हमला है।
अमेरिका के कड़े आर्थिक प्रतिबंध का निशाना न केवल ईरान, बल्कि उसके साथ व्यापार करने वाले विदेशी बैंक, शिपिंग कंपनियां, एक्सचेंज हाउस और सरकारें भी होंगी।
अमेरिकी वित्त विभाग ने 5 क्षेत्रों डिजिटल संपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन, जहाजरानी पर प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया है।
प्रतिबंध
पहले से कड़े प्रतिबंध झेल रहा है ईरान
ईरान फरवरी 2026 में युद्ध शुरू होने से पहले ही तेल-गैस और बैंकिंग समेत कई तरह के क्षेत्रों में व्यापक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।
इससे ईरान में महंगाई काफी बढ़ी है। जुलाई में ईरान की 12 महीने की मुद्रास्फीति दर 66 प्रतिशत थी, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतें एक साल पहले की तुलना में 128 प्रतिशत ज्यादा थीं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरान की मुद्रा रियाल गिरकर 20.2 लाख के स्तर पर आ गई है।