ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने इजरायल पर हमले रोके, पेजेश्कियन बोले- बातचीत-मैदान नहीं छोड़ा
क्या है खबर?
ईरान ने सोमवार इजरायल पर कई हमलों के बाद हमले रोकने की घोषणा कर दी है। ईरान की ओर से यह घोषणा संयुक्त कमान की ओर से की गई है। हालांकि, ईरानी सेना ने कहा कि अगर लेबनान पर दोबारा से हमला होता है तो वह इजरायल पर कार्रवाई करने से नहीं चूकेगा। ईरान ने यह घोषणा तब की, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल से युद्ध रोकने की मांग की थी।
हमला
लेबनान पर हमले हुए तो कार्रवाई करेंगे- ईरानी सेना
द गार्डियन के मुताबिक, ईरानी सेना के खतम ओल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के हवाले से कहा गया, "लेबनान के उत्पीड़ित लोगों के समर्थन में ईरान ने कल बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद उसे दर्दनाक जवाब दिया। तदनुसार, सशस्त्र बलों के अभियानों को रोकने की घोषणा की जाती है, लेकिन अगर दक्षिणी लेबनान सहित अन्य क्षेत्रों में आक्रामकता और अत्याचार जारी रहते हैं, तो कहीं अधिक कठोर और दमनकारी उपाय किए जाएंगे।"
बयान
रंत गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए- ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर लिखा, 'दोनों पक्ष, इजरायल और ईरान, तुरंत युद्ध विराम करना चाहते हैं! शांति के लिए अंतिम बातचीत चल रही है, बशर्ते कि अज्ञानता या बेवकूफी इसमें बाधा न डाले। जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी। काम तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।' इससे पहले ट्रंप ने लिखा था, 'इजरायल और ईरान को तुरंत गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए।'
बयान
न मैदान छोड़ा है और न बातचीत की मेज- ईरानी राष्ट्रपति
इजरायल पर हमले रोके जाने के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक्स पर लिखा, 'हमारी प्राथमिकता राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता की शांति है। हम पूरे अधिकार के साथ अधिकारों की रक्षा करेंगे और किसी भी खतरे के सामने पीछे नहीं हटेंगे।' पेजेश्कियन ने लिखा, 'कूटनीति और रक्षा राष्ट्रीय शक्ति के 2 पहलू हैं, हमने न मैदान और न बातचीत की मेज छोड़ी है। ईश्वर ने चाहा तो एकता और समझदारी के साथ ईरान परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करेगा।'
हमले
इजरायल ने युद्धविराम के दौरान लेबनान पर 3,500 हवाई हमले किए
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा अप्रैल में लेबनान के लिए युद्धविराम की घोषणा के बाद से इजरायल ने लगभग 3,500 हवाई हमले किए हैं। सलाम ने कहा कि लेबनान युद्धविराम को बनाए रखने के लिए प्रयासरत है, लेकिन ईरान-इजराइल के बीच हालिया संघर्ष ने विस्थापन की अतिरिक्त लहर पैदा की हैं। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद इजरायल ने 2 मार्च से लेबनान को निशाना बनाया, जिसमें 3,613 लोग मारे गए।