ईरान ने तोड़ा अमेरिका के साथ संघर्ष विराम समझौता, युद्ध के और भड़कने की आशंका
क्या है खबर?
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने इस्लामाबाद संघर्ष विराम सहमति पत्र (MoU) के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को निलंबित करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने इस समझौते को पूरी तरह खत्म बताया था। इससे अब दोनों देशों के बीच फिर से टकराव की स्थिति खड़ी हो गई।
आरोप
दोनों देशों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गारीबाबादी ने फार्स समाचार एजेंसी से कहा कि अमेरिका ने पहले इस समझौते की सभी शर्तों का उल्लंघन किया है, जिसके कारण तेहरान को भी अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं।
उन्होंने साफ किया कि ईरान अब समझौते को लागू नहीं कर रहा है और देश की रक्षा में जुट गया है।
दूसरी ओर अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने हाेर्मूज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर शर्तों को तोड़ा है।
समझौता
दोनों देशों के बीच क्या हुआ था समझौता?
इस ऐतिहासिक सहमति पत्र पर पिछले महीने ही हफ्तों तक चली अप्रत्यक्ष वार्ताओं के बाद दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए थे।
इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव को कम करना, वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण हाेर्मूज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ईरान पर से प्रतिबंध हटाने और उसके परमाणु कार्यक्रम पर आगे की चर्चा के लिए एक रूपरेखा तैयार करना शामिल था।
हालांकि, यह समझौता जल्द ही तनाव में आ गया।
प्रभाव
लगातार हमले और वैश्विक बाजार पर असर
समझौता टूटने के बीच सैन्य संघर्ष और तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार 7वें दिन ईरानी ठिकानों पर बमबारी की है, जिसके जवाब में ईरान ने भी पूर्ण सैन्य हमले की चेतावनी दी है।
इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक 5 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल आया है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट का खतरा गहरा गया है।
अमेरिका ने इजरायल में ईंधन विमानों की तैनानी की भी योजना बना ली है।