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ईरान ने ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले कैमिकल टैंकर पर किया हमला
ईरान ने ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले कैमिकल टैंकर पर किया हमला (तस्वीर: फाइल)

ईरान ने ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले कैमिकल टैंकर पर किया हमला

Apr 27, 2026
07:10 pm

क्या है खबर?

ईरान ने ओमान के पास टोगो ध्वज वाले एक कैमिकल टैंकर पर हमला किया है। इस पर टैंकर पर भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। ओमान के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने इसी पुष्टि की है। मंत्रालय ने बताया कि भारतीय चालक दल वाले टोगो ध्वज के कैमिकल टैंकर MT सिरोन पर ईरान ने ओमान के तट के पास हमला किया। यह घटना 25 अप्रैल को शिनास के बाहरी बंदरगाह सीमा के पास हुई।

बयान

ओमान के मंत्रालय ने क्या दिया बयान?

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में बोलते हुए ओमान के मंत्रालय के निदेशक मनदीप सिंह रंधावा ने कहा, "25 अप्रैल, 2026 को शिनास बंदरगाह की बाहरी सीमा के पास टोगो ध्वज वाला कैमिकल टैंकर MT सिरोन अन्य जहाजों के साथ चल रहा था, तभी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के तटरक्षक बल ने उसे रोक लिया और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। इस जहाज पर भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे।"

राहत

हमले के बाद सुरक्षित हैं भारतीय चालक दल के सदस्य

मंत्रालय ने बताया कि इस हमले के बाद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। वह स्थिति पर नजर रखने और क्षेत्र में नाविकों और जहाजरानी गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय में है। मंत्रालय ने कहा कि वह चालक दल और समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

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पृष्ठभूमि

भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर गोलीबारी

इससे पहले IRGC ने 2 अन्य भारतीय जहाजों VLCC सनमार हेराल्ड और मालवाहक पोत जग अर्नव पर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने का प्रयास करते समय गोलीबारी की थी। उसके बाद दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा था। भारत ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। हालांकि, जहाजों पर सवार किसी भी चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई थी। युद्ध में भारतीय जहाज पर हमले की यह पहली घटना थी।

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हालात

अमेरिका-ईरान युद्ध में वर्तमान में कैसे हैं हालात?

अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता अभी नहीं हो पाई है। इससे दोनों देशों में अभी भी तनाव बना हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पिछले हफ्ते इस्लामाबाद की यात्रा पर गए थे, लेकिन अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं की। व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद में अराघची से मुलाकात करेंगे, लेकिन ईरानियों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसके बाद ट्रंप ने यात्रा कर दी।

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