ईरान में विरोध-प्रदर्शन तेज, अब तक 45 की मौत; इंटरनेट और फोन लाइन काटी गई
क्या है खबर?
ईरान में गंभीर आर्थिक संकट के बीच राजनीतिक और आर्थिक बदलाव की मांग को लेकर लोगों का विरोध बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों पर हुई सुरक्षा बलों की कार्रवाई से लोग और गुस्से में हैं। गुरुवार को निर्वासित युवराज रजा पहलवी के विरोध-प्रदर्शन बढ़ाने के आह्वान के बाद पूरे देश में इंटरनेट और फोन-लाइन बंद कर दिया गया। कई क्षेत्रों में NOTAM (हवाई क्षेत्रों के लिए नोटिस) जारी है और तब्रीज हवाई अड्डे पर उड़ानें निलंबित कर दी गईं हैं।
आह्वान
पहलवी ने यूरोपीय देशों से मांगी मदद
पहलवी ने गुरुवार रात प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके बाद तेहरान के कई इलाकों ने नारेबाजी शुरू हो गई। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर लिखा कि आज रात लाखों ईरानियों ने आजादी की मांग की, जिसके बाद सरकार ने संचार सेवा और इंटरनेट काट दिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान सरकार को जवाबदेह ठहराने पर धन्यवाद किया और यूरोपीय नेताओं से भी चुप्पी तोड़ने और संचार सेवा उपलब्ध कराने के लिए संसाधन इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
विरोध
प्रदर्शन में अब तक 45 की मौत
मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, ईरान में पिछले 2 सप्ताह से जारी विरोध-प्रदर्शन में अब तक 45 लोग मारे गए हैं। मृतकों में 29 प्रदर्शनकारी नागरिक, 8 सुरक्षाकर्मी और 18 वर्ष से कम आयु के 5 बच्चे और किशोर शामिल हैं। नॉर्वे स्थित गैर-सरकारी संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स ने कहा कि 45 प्रदर्शनकारियों में 13 की मौत अकेले बुधवार को हुई है। गुरुवार रात तेहरान और मशहद में सरकारी इमारतों में आग लगा दी गई है।
प्रदर्शन
21 प्रांतों के 46 शहरों में प्रदर्शन
HRANA के अनुसार, 28 दिसंबर को तेहरान में बाजार बंद होने के साथ शुरू हुए प्रदर्शन अब 21 प्रांतों के 46 शहरों तक फैल गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में प्रदर्शन करने वाले 60 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अब तक 2,277 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में से 166 की उम्र 18 वर्ष से कम है और 48 विश्वविद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं।
समर्थन
अमेरिका ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया
विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर लोगों को मारा जाएगा तो वाशिंगटन कड़ी कार्रवाई करेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के उन नागरिकों के साथ खड़ा है जो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में लगे हुए हैं। जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने ईरानी अधिकारियों द्वारा बल के अत्यधिक प्रयोग की निंदा की है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने अशांति भड़काने के लिए विदेशी शक्तियों को दोषी ठहराया है।
ट्विटर पोस्ट
ईरान में रात में हुए प्रदर्शन का दृश्य
Iranians have had enough.
— Visegrád 24 (@visegrad24) January 9, 2026
They want the regime to fall pic.twitter.com/31pKHpNZD2