निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से वैश्विक तेल कीमतों और भारत पर क्या पड़ेगा असर?
क्या है खबर?
अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद से तेल एक महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल भंडारों का दोहन करने की ओर इशारा करते हुए कहा है कि अमेरिकी कंपनियां संघर्षरत वेनेजुएला के तेल उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी। ऐसे में आइए जानते हैं कि ट्रंप के इस कदम से वैश्विक तेल की कीमतों और भारत पर क्या असर पड़ेगा।
भंडार
वेनेजुएला के पास है दुनिया का सबसे अधिक तेल भंडार
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, वेनेजुएला के पास लगभग 303 अरब बैरल कच्चे तेल का विश्व का सबसे बड़ा सिद्ध भंडार है। यह कनाडा और सऊदी अरब दोनों से अधिक है और वैश्विक तेल भंडार का लगभग 17 प्रतिशत है। सऊदी अरब के पास 267 अरब बैरल तेल है, जबकि ओपेक के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, ईरान के पास अनुमानित 209 अरब बैरल तेल भंडार है। हालांकि, वेनेजुएला द्वारा उत्पादित तेल की मात्रा बहुत कम है।
उत्पादन
वेनेजुएला कितने तेल का उत्पादन करता है?
CBC न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला विश्व के कच्चे तेल की कुल आपूर्ति के एक प्रतिशत से भी कम का उत्पादन करता है। कराकस में उत्पादन 1999 में प्रतिदिन 35 लाख बैरल से घटकर आज लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है। देश के तेल भंडार में तथाकथित भारी और अशुद्ध तेल शामिल है। इसे परिष्कृत करना कठिन है, लेकिन यह डीजल तैयार करने और सड़कों के लिए डामर बनाने के लिए बहुत उपयोगी है।
जानकारी
मादुरो की गिरफ्तार के बाद ट्रंप ने क्या किया ऐलान?
राष्ट्रपति ट्रंप ने मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद स्पष्ट कहा है, "हमारी दुनिया की सबसे बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी और अरबों डॉलर खर्च करेंगी। वह क्षतिग्रस्त बुनियादी तेल ढांचे को ठीक करेंगी और देश के लिए मुनाफा कमाना शुरू करेंगी।"
कीमत
ट्रंप की घोषणा का तेल कीमतों पर क्या होगा असर?
सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई, ब्रेंट क्रूड 0.21 प्रतिशत गिरकर 60.62 डॉलर (लगभग 5,400 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.35 प्रतिशत गिरकर 57.12 डॉलर (लगभग 5,155 रुपये) पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में वेनेजुएला के तेल की बढ़ती मात्रा से आपूर्ति की अधिकता की चिंताएं बढ़ेंगी और तेल की कीमतों पर और दबाव पड़ेगा, जो हाल के महीनों में गिर गई हैं।
राहत
तेल की कीमतों पर तत्काल कोई असर पड़ने की संभावना नहीं
उद्योग खुफिया फर्म रायस्टैड एनर्जी के भू-राजनीतिक विश्लेषण प्रमुख जॉर्ज लियोन ने याहू फाइनेंस को बताया कि शुरुआत में कीमतों में उछाल आ सकता है, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि मादुरो के बाद वेनेजुएला की स्थिति कैसी रहती है। उन्होंने कहा कि यदि देश में जल्दी स्थिरता आती है, तो आने वाले वर्षों में बाजार में आपूर्ति बढ़ने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आने की पूरी संभावना रहेगी।
जानकारी
वेनेजुएला के तेल अवसंरचना को ठीक करने में लगेगा लंबा समय
विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक दृष्टि से वेनेजुएला की तेल अवसंरचना को ठीक करने में कई वर्षों का समय लगेगा - जो वर्षों के प्रतिबंधों और आर्थिक संकटों से कमजोर है। ऐसे में उत्पादन बढ़ाने में भी कई वर्षों का समय लगेगा।
प्रभाव
भारत के तेल क्षेत्र पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, "भारत पर इसका असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि भारतीय रिफाइनर वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात नहीं करते हैं। 2000 से 2010 तक भारत ने वेनेजुएला से भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात किया। हालांकि, 2019 में अमेरिका के प्रतिबंध लगाने के बाद से आयात में भारी गिरावट आई है। साल 2025 में भारत ने वेनेजुएला से 25.50 करोड़ डॉलर (लगभग 2,300 करोड़ रुपये) का तेल आयात किया था।
बयान
भारत पर नहीं पड़ेगा कोई असर- विश्वनाथन
वेनेजुएला में भारत के पूर्व राजदूत आर विश्वनाथन ने ANI से कहा, "हम तेल के लिए वेनेजुएला पर निर्भर नहीं हैं। हमारा व्यापार बहुत कम है और ONGC ने उनके तेल क्षेत्रों में कुछ निवेश किया है। इसलिए, इससे भारत पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।" इसके उलट, अमेरिका के कदम से भारत को फायदा होगा, क्योंकि ONGC की वेनेजुएला के पूर्वी हिस्से में स्थित सैन क्रिस्टोबल तेल क्षेत्र में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इससे भारत को लाभांश मिलेगा।
व्यापार
वेनेजुएला संकट का भारत के व्यापार पर क्या होगा असर?
श्रीवास्तव के अनुसार, तेल के मुद्दे को छोड़कर भारत पर किसी भी तरह का कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। वित्त वर्ष 2025 में वेनेजुएला से भारत का कुल आयात मात्र 36.40 करोड़ डॉलर (करीब 3,285 करोड़ रुपये) था। वहीं, वेनेजुएला को भारत का निर्यात 9.53 करोड़ डॉलर (करीब 860 करोड़ रुपये) रहा था। श्रीवास्तव ने बताया कि व्यापार की कम मात्रा, मौजूदा प्रतिबंधों और भौगोलिक दूरी को देखते हुए भारत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।