ग्रीनलैंड में तैनात डेनिश सेना कितनी ताकतवर? इस मामले में अमेरिकी सेना को दे सकेगी टक्कर
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी के बाद आर्कटिक-अटलांटिक महासागरों के बीच स्थित सबसे बड़े, शांत और बर्फीले द्वीप पर हलचल तेज है। डेनमार्क ने अपनी सेना को स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर किसी तरह के संघर्ष का मुकाबला करने के लिए तैयार रहने को कहा है। उसने सैनिकों को पहले गोली चलाने फिर बातचीत को कहा है। क्या डेनिश सेना ताकतवर है और क्या अत्यंत ठंडे द्वीप पर अमेरिकी सेना टिक सकेगी? आइए जानते हैं।
विवाद
ग्रीनलैंड को लेकर विवाद क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 4 जनवरी को संकेत दिया कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत है और वे इस पर कब्जा कर सकते हैं। इसी बयान से डेनमार्क-अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया। दरअसल, ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति के कारण यहां से रूस-यूरोप पर नजर रखना आसान है। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण से अमेरिकी सेना उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक महासागर में मजबूत होगी। ग्रीनलैंड में दुर्लभ खनिज, तेल-गैस का विशाल भंडार है और ये अमेरिका को चीन के मुकाबले मजबूती देगा।
तैनाती
ग्रीनलैंड में डेनिश के साथ अमेरिकी सेना भी तैनात
ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त हिस्सा है। यहां की रक्षा, विदेश, सुरक्षा और व्यापार नीति डेनमार्क नियंत्रित करता है। हालांकि, 1951 में हुए अमेरिका-डेनमार्क रक्षा समझौते के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड पर बेस बनाने का अधिकार है और अमेरिकी सेना पहले से पिटुफिक स्पेस अड्डे (पूर्व में थुले वायुअड्डा) पर तैनात हैं। इस बीच, ब्रिटेन-जर्मनी के नेतृत्व में यूरोपीय देशों का समूह भी द्वीप पर सैन्य उपस्थिति बढ़ाने पर विचार कर रहा है ताकि यूरोप आर्कटिक की सुरक्षा में गंभीर दिखे।
ताकत
कितनी ताकतवर है डेनमार्क की सेना?
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के मुताबिक, डेनमार्क की सेना कमजोर है। इस मामले में अमेरिका शीर्ष पर है, जबकि डेनमार्क 45वें स्थान पर है। अमेरिकी रक्षा बजट 895 अरब डॉलर (लगभग 80.55 लाख करोड़ रुपये) और डेनमार्क का 7.23 अरब डॉलर (लगभग 65,000 करोड़ रुपये) है। डेनमार्क में 20,000 सक्रिय सैनिक (रिजर्व मिलाकर 83,000), 31 लड़ाकू विमान, 34 हेलीकॉप्टर और 44 टैंक हैं। अमेरिका के पास 20 लाख सैनिक, 1,790 विमान, 5,843 हेलीकॉप्टर, 4,640 टैंक, 3.91 लाख सैन्य वाहन हैं।
अनुभव
किस मामले में अमेरिकी सैनिक से आगे हैं डेनिश सेना
भले ही अमेरिकी सेना के मुकाबले डेनिश सेना संख्या बल के मामले में कहीं न टिकती हो, लेकिन ग्रीनलैंड की जलवायु परिस्थिति उसके अनुकूल है। ग्रीनलैंड का 80 प्रतिशत हिस्सा बर्फ से ढका है और सर्दियों में तापमान शून्य से 40 डिग्री नीचे रहता है। ऐसे में किसी भी तरह के आक्रमण का सामना डेनमार्क के आर्कटिक योद्धा, बर्फीले वातावरण में माहिर विशिष्ट बल करेंगे, जो ब्रिटेन की विशेष वायु सेवा (SAS) और अमेरिका की नेवी सील्स के बराबर हैं।
बल
डेनिश सेना को बर्फीले तूफान में भी लड़ने का अनुभव
डेनमार्क के सैनिक -50 डिग्री सेल्सियस तापमान पर काम करने, जमे पानी के नीचे गोता लगाने और आर्कटिक की चरम स्थितियों में 6 महीने तक जीवित रहने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इनमें विशिष्ट जैगर कोर, फ्रॉगमेन और सीरियस डॉग स्लेड पेट्रोल शामिल हैं, जो आतंकवाद-विरोधी अभियानों से लेकर भीषण मौसम में युद्ध की स्थिति का सामना कर सकते हैं। डेनमार्क की संयुक्त आर्कटिक कमान ग्रीनलैंड और फ़ारो द्वीप समूह (डेनमार्क का विदेशी क्षेत्र) की रक्षा जिम्मेदारी संभालती है।
सेना
डेनमार्क की जैगर कोर, फ्रॉगमेन और सीरियस डॉग स्लेड पेट्रोल की खासियत
जैगर कोर का शाब्दिक अर्थ 'शिकारी' है, जो विशिष्ट जमीनी विशेष बल इकाई है। यह NATO की सभी सेनाओं में सबसे क्रूर प्रशिक्षण में है। यह ब्रिटेन की SAS को टक्कर देती है। फ्रॉगमेन कोर डेनमार्क नौसेना के तहत समुद्री आतंकवाद-विरोधी, पानी के नीचे विध्वंस, उभयचर हमले और गुप्त टोही में विशेषज्ञता रखते हैं। यह अमेरिका के सील्स और ब्रिटेन के स्पेशल बोट सर्विस जैसी है। सीरियस डॉग स्लेज पेट्रोल बर्फ और बीहड़ इलाकों में हजारों किलोमीटर चलते हैं।