कौन-कौन से खाड़ी देश में कितने भारतीय छात्र करते हैं पढ़ाई?
क्या है खबर?
मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच खाड़ी देशों में लगभग पांच लाख भारतीय छात्र हैं और मौजूदा हालात को लेकर असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। यह संख्या विदेश में पढ़ने वाले कुल 18.8 लाख भारतीय छात्रों का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। लंबे समय तक युद्ध चलने से उनकी पढ़ाई, परीक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। परिवारों में भी चिंता बढ़ गई है और हालात पर दूतावास तथा संस्थान लगातार नजर रख रहे हैं।
देश
किन देशों में कितने छात्र?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 2.53 लाख भारतीय छात्र हैं, जो सबसे बड़ी संख्या है। इसके बाद सऊदी अरब में 75,830, कुवैत में 50,000, कतर में 49,346 और ओमान में 44,847 छात्र पढ़ रहे हैं। बहरीन में 28,620, ईरान में 2,965 और इजरायल में करीब 900 छात्र मौजूद हैं। इन सभी देशों को मिलाकर कुल संख्या लगभग पांच लाख तक पहुंचती है, जो क्षेत्र की शैक्षणिक और सामाजिक अहमियत दिखाती है।
छात्र
स्कूल स्तर के छात्र अधिक
पश्चिमी देशों के विपरीत, खाड़ी देशों में बड़ी संख्या स्कूल स्तर के भारतीय छात्रों की है, जिनकी पढ़ाई स्थानीय भारतीय स्कूलों में चल रही है। यहां कई संस्थान भारतीय पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं, जो करीब 90 लाख भारतीय प्रवासियों की जरूरतें पूरी करते हैं। अधिकतर छात्र कामकाजी भारतीयों के बच्चे हैं, जिनके माता-पिता लंबे समय से वहां हैं। CBSE ने 2 मार्च को होने वाली कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं कुछ देशों में अस्थायी रूप से स्थगित कर दी हैं।
असर
पढ़ाई और यात्रा पर बढ़ता असर
अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो एयरस्पेस बंद होने, उड़ानें रद्द होने और सुरक्षा अलर्ट बढ़ने का असर छात्रों की आवाजाही पर साफ पड़ सकता है। अकादमिक कैलेंडर में देरी संभव है और परीक्षा कार्यक्रम बार-बार बदल सकते हैं। लगातार अस्थिरता से छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि हालात और बिगड़े तो परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और भारत की प्रवासी नीति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।