ग्वाटेमाला में फटा 'फ्यूगो' ज्वालामुखी, सरकार ने जारी किया गया राष्ट्रव्यापी ऑरेंज अलर्ट
क्या है खबर?
ग्वाटेमाला के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी 'फ्यूगो' में हुए भीषण विस्फोट के बाद सरकार ने राष्ट्रव्यापी 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया है। यह अलर्ट दूसरे सबसे बड़ा आपातकालीन स्तर पर घोषित किया जाता है। आपदा प्रबंधन एजेंसी कॉनरेड ने सोशल मीडिया के जरिए इस अलर्ट की घोषणा की है। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ज्वालामुखी के पास स्थित गांवों को खाली कराना और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को बंद करना शुरू कर दिया है।
हालात
ज्वालामुखी विस्फोट और तात्कालिक खतरे
राजधानी ग्वाटेमाला सिटी से महज 35 किलोमीटर दूर 3,763 मीटर ऊंचाई पर स्थित फ्यूगो ज्वालामुखी में हुए विस्फोट से दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित 'सेका' और 'सेनिजा' घाटियों की तरफ खतरनाक पायरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट (तपते मलबे और गैसों का तेज बहाव) बढ़ रहा है।
ऐसे में ज्वालामुखी के पास के 2 गांवों से लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।
इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग RN-14 को पूरी तरह बंद कर स्थानीय शैक्षणिक गतिविधियों को भी बंद कर दिया है।
सलाह
प्रशासन ने लोगों के लिए जारी की सलाह
कॉनरेड ने नागरिकों से अपील की है कि वे गहरी घाटियों और चिन्हित खतरे वाले क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाएं।
परिवारों को आपात स्थिति के लिए 72-घंटे का बैकपैक (भोजन, पानी और जरूरी सामान के साथ) तैयार रखने, अपनी पारिवारिक प्रतिक्रिया योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्हें सक्रिय करने और स्थिति बिगड़ने पर खुद सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बता दें कि ज्यालामुखी विस्फोटो से उच्च स्तर पर खतरा पहुंच सकता है।
इतिहास
पुराना इतिहास और भौगोलिक स्थिति
प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित होने के कारण ग्वाटेमाला में अक्सर भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं।
इससे पहले साल 2023 में फ्यूगो विस्फोट के कारण 1,200 लोगों को घर छोड़ना पड़ा था।
इसी तरह साल 2018 में हुए एक बेहद विनाशकारी विस्फोट में पूरा गांव तबाह हो गया था, जिसमें 215 लोगों की मौत हो गई थी और इतने ही लोग लापता हुए थे।
ऐसे में इस बार सरकार पूरी तरह सतर्क है।