Loading...
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री ने भारतीय कंपनी के साथ रक्षा सौदा घोटाले के बीच इस्तीफा दिया
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री ने भारतीय कंपनी के साथ रक्षा सौदा घोटाले के बीच इस्तीफा दिया

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री ने भारतीय कंपनी के साथ रक्षा सौदा घोटाले के बीच इस्तीफा दिया

लेखन गजेंद्र
Sep 04, 2026
09:56 am

क्या है खबर?

एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने भारतीय कंपनी के साथ रक्षा सौदे से जुड़े घोटाले के मामले में बुधवार शाम को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा तब दिया, जब राष्ट्रीय लेखा परीक्षकों ने उनके मंत्रालय पर खर्च में अनियमितताओं और यूक्रेन के लिए गोला-बारूद की खरीद में घोटाले का आरोप लगाया था। यह सौदा 7 करोड़ यूरो (लगभग 768 करोड़ रुपये) का बताया जा रहा है। पेवकुर ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है।

इस्तीफा

हन्नो पेवकुर ने इस्तीफा देते हुए क्या कहा?

पेवकुर ने इस्तीफा देते हुए कहा, "रक्षा मंत्री के तौर पर, मुझे यह स्वीकार करना होगा कि मैं अपने अधीन पूरे क्षेत्र के लिए जिम्मेदार हूं और अगर आप उस बड़े जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो निश्चित रूप से, एक नेता में राजनीतिक जिम्मेदारी निभाने का साहस और सामर्थ्य होना चाहिए।"

2022 से रक्षा मंत्री के पद पर कार्यरत पेवकुर ने एस्टोनियाई ईटीवी से कहा, "मैं जिम्मेदारी लूंगा और प्रधानमंत्री को नया रक्षा मंत्री ढूंढना होगा।"

विवाद

घोटाला क्या है?

एस्टोनिया ने यूक्रेन के लिए गोला-बारूद की खरीद का सौदा इटली की कंपनी डेटासेल एसआरएल से किया था, जिसे भारत की नेको डिफेंस मुनिशन्स ने 2024 में अधिग्रहित किया था।

एस्टोनिया ने कंपनी को 768 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया, जो यूरोपीय संघ की यूरोपीय शांति सुविधा से ली थी।

सौदे के बाद गोला-बारूद पहुंचने में देरी हुई और जो पहुंचा वो 2025 की जांच में फेल हो गए। कंपनी को गोला-बारूद बनाने का अनुभव भी नहीं था।

ADVERTISEMENT