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इबोला वायरस ने पसारे पैर, सीमा पार दक्षिण सूडान पहुंचने की 70 प्रतिशत संभावना
इबोला वायरस के दक्षिण सूडान तक पहुंचने की 70 प्रतिशत संभावना

इबोला वायरस ने पसारे पैर, सीमा पार दक्षिण सूडान पहुंचने की 70 प्रतिशत संभावना

लेखन गजेंद्र
Jun 26, 2026
06:29 pm

क्या है खबर?

अफ्रीकी देश कांगो में तेजी से फैला इबोला वायरस युगांडा तक भी पहुंच गया है। अब इसे सीमा पार दक्षिणी सूडान तक पहुंचने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। यह अनुमान 'द लैंसेट इंफेक्शियस डिजीज' में छपी एक नई मॉडलिंग स्टडी में जताया गया है। अध्ययन के मुताबिक, इसके कुछ ही हफ्तों में दक्षिण सूडान पहुंचने की संभावना लगभग 70 प्रतिशत है।

वायरस

अब तक 267 मौत

इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन की वजह से अब तक कांगो में 1,048 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं और 267 लोगों की मौत हुई है। इस वायरस ने करीब 6 हफ्तों तक बिना पता चले लोगों को अपनी जद में ले लिया, जिससे यह प्रसार हुआ। जून 2026 के अंत तक 990 मामले और 174 मौत होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन यह जिस तरह से फैल रहा है, सितंबर 2026 तक अनुमानित 8,210 मामले हो सकते हैं।

चिंता

तैयारी करने को कहा गया

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के खिलाफ कोई वैक्सीन न होने के कारण पड़ोसी देशों से तुरंत सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को मजबूत करने को कहा है। उसने सीमा पर निगरानी, ​​कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सुरक्षित दफन के तरीके बढ़ाने को कहा है। स्वास्थ्य अधिकारी बता रहे हैं कि कांगो में अब संक्रमण धीमा हो रहा है, लेकिन फिर भी बड़ा क्षेत्रीय खतरा बना हुआ है। दक्षिण सूडान में कमजोर सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर से स्थिति चिंताजनक है।

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