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डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता विफल होने के बाद दिया होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का आदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता विफल होने के बाद दिया होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी का आदेश

Apr 12, 2026
08:49 pm

क्या है खबर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में शांति वार्ता के विफल होने के बाद ईरान को खुली चेतावनी दे दी है। ईरान के अपने परमाणु मंसूबों को छोड़ने से इनकार के जवाब में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश दे दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट में अमेरिकी जहाजों पर किसी भी ईरानी हमले का कड़ा जवाब दिए जाने की चेतावनी भी दी है। यह कदम ईरान के साथ तनाव के बीच उठाया है।

बयान

ट्रंप ने क्या जारी किया बयान? 

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'तत्काल प्रभाव से विश्व की सर्वश्रेष्ठ अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने या बाहर निकलने की कोशिश करने वाले सभी जहाजों की नाकाबंदी शुरू कर देगी।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ईरान को टोल चुकाने वाले जहाजों को निशाना बनाएगी और क्षेत्र में संदिग्ध समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का काम भी शुरू करेगी। ट्रंप की इस घोषणा से तनाव और बढ़ने की संभावना है।

चेतावनी

ट्रंप ने दी अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने पर हमला करने की चेतावनी

ट्रंप ने ईरान पर होर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल के नाम पर जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि नेता, विशेषकर अमेरिका में, इस जबरन वसूली के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी ईरानी अमेरिकी या शांतिपूर्ण जहाजों पर गोलीबारी करेगा, उसे हमला कर नरक में भेज दिया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य एक रणनीतिक जल मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक कच्चे तेल और द्रवीकृत गैस का परिवहन होता है।

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दावा

ट्रंप ने किया ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर होने का दावा

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमताएं बुरी तरह कमजोर हो गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका और भी कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने लिखा, 'हम पूरी तरह से तैयार हैं और उचित समय पर ईरान के बचे-खुचे हिस्से को भी खत्म कर देंगे!' होर्मूज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। ट्रंप ने इसमें संभावित अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिलने का भी संकेत दिया है।

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वार्ता

बिना किसी समझौते के खत्म हुई थी ईरान-अमेरिका वार्ता

ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे तक वार्ता हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से रवाना हो गए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि अमेरिका की शर्तें स्पष्ट थीं, लेकिन ईरान ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के करीबी एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका मौजूदा युद्ध में जो कुछ भी अब तक हासिल नहीं कर सका, वो सब वार्ता में मांग रहा था।

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