डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का नया क्षेत्र बताया
क्या है खबर?
ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चल रहे तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अजीबोगरीब पोस्ट करके नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्टर साझा किया है, जिसमें फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीज ईरान के नियंत्रण वाले संकरे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है। इस पोस्ट के जरिए ट्रंप ने होर्मुज पर अमेरिका के पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है।
दावा
हाल में ट्रंप ने जलमार्ग पर कब्जे का दावा किया था
राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं कि तेहरान निरंतर दबाव का सामना करना कर रहा है, साथ ही होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण स्थापित करने की धमकी भी दे रहे हैं।
ट्रंप ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में भी अपने समर्थकों से कहा कि अमेरिका जल्द ही इस अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपना दावा करेगा।
उन्होंने सोमवार को भी कहा कि ईरान को परमाणु हथियार की अनुमति नहीं जाएगा, उन्हें आत्मसमर्पण का सफेद झंठा उठा लेना चाहिए।
बातचीत
ट्रंप के दामाद ने कहा- तेहरान सकारात्मक बातचीत में लगा है
ट्रंप ने होर्मुज पर चल रही बातचीत के बीच ओमान को धमकी दी है कि अगर वह ईरान के साथ किसी समझौते में बाधा डालता है तो उस पर बमबारी की जाएगी।
ट्रंप के दूत और दामाद जेरेड कुशनर ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान "बहुत ही सकारात्मक और सक्रिय बातचीत" में लगे हुए हैं।
कुशनर ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच विश्वास बेहद सीमित बना हुआ है और ट्रंप धैर्य रखने के लिए तैयार हैं।
ट्विटर पोस्ट
ट्रंप का पोस्ट
New media post from Donald J. Trump
— Commentary Donald J. Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) August 18, 2026
( TS: Aug 18 2026, 7:09 AM ET ) pic.twitter.com/MXZtcwYrhB
शर्त
ईरान ने होर्मुज पर प्रतिबंध जारी रहने की बात कही
ट्रंप का यह पोस्ट तब सामने आया है, जब ईरान की ओर से शीर्ष वार्ता मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने कहा कि समझौते की शर्तें पूरी होने तक होर्मुज से प्रतिबंध नहीं हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट कहता हूं कि जब तक अमेरिका समझौता ज्ञापन की शर्तों को लागू नहीं करता, तब तक जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा। शर्तों में नाकाबंदी हटाना, जब्त संपत्तियों को जारी करना, तेल प्रतिबंध हटाना, धमकियों-सैन्य अभियानों को समाप्त करने समेत अन्य शर्तें शामिल हैं।"