डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- होर्मूज जलडमरूमध्य को तत्काल खोलना चाहता है ईरान
क्या है खबर?
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया संकट के बीच एक नया और आक्रामक दावा करते हुए कहा है कि ईरान अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत दोबारा खोलने के लिए छटपटा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के लिए मुसीबत खड़ी करने के चक्कर में ईरान ने खुद को ही जाल में फंसा लिया है और आर्थिक तंगी के कारण अब उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है। बता दें कि फरवरी के अंत से यह जलमार्ग बंद है।
बयान
ट्रंप ने मामले पर क्या दिया बयान?
ट्रंप ने ईरान की घेराबंदी का दावा करते हुए कहा, "वे (ईरान) जो करना चाहते हैं, वह है हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना। क्योंकि वे मर रहे हैं। आप जानते हैं कि वे क्यों मर रहे हैं? क्योंकि उनके पास कोई पैसा नहीं आ रहा है, क्योंकि उन्हें अपना पैसा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से मिलता है। इसलिए उन्होंने खुद को ही अपनी चाल में फंसा लिया। ऐसे में अब वह इसे फिर से खोलने के लिए छटपटा रहे हैं।"
नाकाबंदी
सैन्य नाकाबंदी पर क्या बोले ट्रंप?
सैन्य नाकेबंदी पर ट्रंप ने कहा, "ईरान ने सोचा होर्मूज को बंद कर दुनिया के लिए समस्या खड़ी कर देंगे। इसके बाद मैने सैन्य इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी नाकेबंदी लगा दी। यह स्टील की दीवार है और हमने इसे खड़ा कर दिया। अब उनके पास पैसा नहीं है, क्योंकि वे जलडमरूमध्य को बंद करना चाहते थे। मैंने कहा कि यह ठीक है। हम इसे आपके लिए बंद करेंगे, लेकिन बाकी सभी इसका उपयोग करने में सक्षम हैं।"
पलटवार
ईरानी विदेश मंत्री ने किया पलटवार
ट्रंप द्वारा 7 दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराए जाने और उनके इस तीखे बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पलटवार किया है।
उन्होंने कहा, "हमारी शर्तें बिल्कुल स्पष्ट हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की दिशा में कोई भी कदम इन शर्तों के पूरा होने पर ही निर्भर है। केवल एक बातचीत के जरिए निकाला गया समाधान ही उन्हें (अमरीका को) इस गतिरोध से बाहर निकाल सकता है। यही हमारा रुख है।"
प्रस्ताव
क्या थीं ईरान के प्रस्ताव की शर्तें?
ईरान ने इसी सप्ताह हॉर्मुज संकट को समाप्त करने के लिए एक '7 दिवसीय रोडमैप' पेश किया था, जिसकी मुख्य शर्तों में अमरीकी नौसेना को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तुरंत समाप्त करना, ईरानी कच्चे तेल की बिक्री पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना और लेबनान (हिजबुल्लाह) सहित सभी मोर्चों पर तुरंत पूर्ण युद्धविराम लागू करना शामिल था।
हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया और ईरान को दोबारा हमले की चेतावनी दे दी।