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इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद शुरू होगी शांति वार्ता, ट्रंप का ऐलान
डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत का ऐलान किया

इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद शुरू होगी शांति वार्ता, ट्रंप का ऐलान

लेखन गजेंद्र
Apr 16, 2026
09:59 am

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ऐलान किया कि इजरायल और लेबनान के बीच ऐतिहासिक बातचीत शुरू होने जा रही है, जिसमें दशकों बाद दोनों देश वार्ता की मेज पर आमने-सामने होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया ट्रुथ पर यह जानकारी देते हुए लिखा कि दोनों देशों के बीच 34 साल बाद बात होने जा रही है, जो कल होगी। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में बैठक का समय और इसमें शामिल होने वाले नेताओं की जानकारी नहीं दी है।

बातचीत

हिज्बुल्लाह कर रहा है विरोध

ट्रंप ने ट्रुथ पर लिखा, 'इजरायल और लेबनान के बीच थोड़ी राहत की गुंजाइश बनाने की कोशिश की जा रही है, दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुए काफी समय हो गया है, लगभग 34 साल। यह कल होगी। बहुत बढ़िया!' संभावना जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच बातचीत वाशिंगटन में होगी, जहां इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन शामिल हो सकते हैं। लेबनान में ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह इसके विरोध में है।

मुद्दा

नेतन्याहू ने कहा- बातचीत के केवल 2 उद्देश्य

नेतन्याहू ने बातचीत से पहले एक वीडियो में कहा कि उन्होंने अपनी सेना को दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने और बेरूत के साथ शांति समझौते पर बातचीत जारी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि इजरायल की मजबूती के कारण ये बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि लेबनान के साथ बातचीत के केवल 2 मुख्य उद्देश्य है, जिसमें हिजबुल्लाह का विघटन और एक स्थायी शांति शामिल है, जो ताकत के बल पर हासिल की जाती है।

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हमला

ईरान पर हमले के बाद इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष बढ़ा

इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के बाद हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला शुरू किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बड़ी जंग शुरू हो गई। इजरायल ने लेबनान में कई इमारतों को धवस्त कर दिया और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। अभी तक लेबनान में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इससे पहले 2023 की हमास-इजरायल युद्ध में भी हिज्बुल्लाह कूदा था, जिसमें लेबनान में 4,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

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चेतावनी

ईरान ने अमेरिका को चेताया, 'इजरायल प्रथम' गलती से पीछे हटो

बातचीत की संभावना से पहले ईरानी संसद के स्पीकर एमबी गलिबाफ ने युद्धविराम को हिज्बुल्लाह की ताकत का नतीजा बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'लेबनान में बड़े युद्धविराम का पूरा होना, जाने-माने हिज़्बुल्लाह की मजबूती, संघर्ष, उसके बहादुरी भरे कामों, और एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस की एकता का नतीजा होगा। अमेरिका को समझौते के लिए कमिटेड होना चाहिए। रेज़िस्टेंस और ईरान एक हैं, चाहे वे युद्ध में हों या युद्धविराम में। अमेरिका को 'इजरायल प्रथम' की गलती से पीछे हटना चाहिए।

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