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डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, कहा- ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर 5 दिन तक नहीं करेंगे हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिन तक ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमला न करने का ऐलान किया है

डोनाल्ड ट्रंप का ऐलान, कहा- ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर 5 दिन तक नहीं करेंगे हमला

लेखन गजेंद्र
संपादन भारत शर्मा
Mar 23, 2026
07:42 pm

क्या है खबर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि अमेरिका और इजरायल अगले 5 दिन तक ईरान के ऊर्जा सुविधाओं पर कोई हमला नहीं करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए लिखा कि यह फैसला पिछले 2 दिनों में, अमेरिका और ईरान के बीच हुई अच्छी और सार्थक बातचीत के बाद लिया गया है। उन्होंने लिखा कि मध्य पूर्व में आपसी दुश्मनी को हमेशा खत्म करने के लिए गहरी, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत हफ्तों तक जारी रहेगी।

बयान

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'मुझे खुशी है कि पिछले 2 दिनों में अमेरिका-ईरान के बीच हमारी आपसी दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करने के संबंध में बहुत अच्छी-सार्थक बातचीत हुई। इन गहरी, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत को देखते हुए मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया कि वे ईरान के ऊर्जा संयंत्र और ऊर्जा ढांचे पर 5 दिनों के लिए सभी हमले टाल दें। यह फैसला चल रही बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा।'

ट्विटर पोस्ट

ट्रंप ने ट्रुथ पर साझा किया बयान

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युद्ध

ट्रंप ने दी थी 48 घंटे में बड़े हमले की चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने इससे पहले शनिवार को ईरान के बिजली संयंत्रों को "नष्ट" करने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान ने इस समय से ठीक 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोलता है, तो अमेरिका उनके विभिन्न ऊर्जा संयंत्रों पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देगा, जिसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी! इस धमकी से युद्ध के बड़े मोड़ पर पहुंचने की आशंका बढ़ गई थी।

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संकट

क्या पीछे हटते दिख रहे हैं ट्रंप?

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता और अधिकारी मारे गए हैं। युद्ध सोमवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया, लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं। उसने खाड़ी देशों के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाकर और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करके तेल-गैस संकट पैदा कर दिया है। NATO भी मदद से पीछे हट गई, जिससे ट्रंप कमजोर पड़े हैं।

युद्ध

होर्मुज और खाड़ी देशों पर हमले से खड़ा हुआ संकट

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया से ईधन आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत होकर गुजरता है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल समेत उनके सहयोगी देशों को होर्मुज से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें भी 112 डॉलर (10,463 रुपये) तक पहुंच गई हैं। ईरान ने कुवैत और सऊदी अरब समेत अन्य खाड़ी देशों में बड़े गैस सुविधाओं को भी निशाना बनाया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।

जवाब

ईरान ने दिया जवाब, कहा- कोई बातचीत नहीं हुई

ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान की सैन्य धमकियों और बढ़ते वित्तीय दबावों से ट्रंप पीछे हटे हैं। अधिकारी ने बताया कि अमेरिका से कोई प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही और ऐसे बयान से न तो होर्मुज बहाल होगा और न ही ऊर्जा बाजार स्थिर होंगे। अधिकारी ने कहा कि ट्रंप का 5 दिन का अल्टीमेटम केवल हमलों की योजनाओं को रेखांकित करता है, जिसका ईरान बचाव करके जवाब देगा।

समझौता

समझौते के इच्छुक हैं दोनों पक्ष- ट्रंप

ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर 5 दिन तक हमले न करने का ऐलान करने के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से कहा, "अमेरिका और ईरान दोनों ही मौजूदा शत्रुता को सुलझाने के लिए एक समझौते पर पहुंचने में रुचि रखते हैं। ईरान इसके लिए बेहद उत्सुक है और उनके साथ बातचीत अच्छी चल रही है।" उन्होंने आगे कहा, "मैं इसे सत्ता परिवर्तन मानता हूं, क्योंकि मैं जिन लोगों से बात कर रहा हूं वे नए लोग हैं।"

धमकी

ट्रंप ने समझौते के साथ धमकी भी दी

ट्रंप ने कहा, "ईरान परमाणु हथियार न रखने पर भी सहमत हो गया है। अगर ईरानी प्रशासन के साथ बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ती है, तो हम इस मामले को सुलझा लेंगे, अन्यथा हम जमकर बमबारी करते रहेंगे।" इससे पहले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा था कि वे ईरानी बिजली संयंत्रों पर नियोजित हमलों को स्थगित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रति आभारी हैं। यह शांति वाला फैसला है।

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