क्या जर्मनी में कोविड वैक्सीन से हुई 60,000 से अधिक मौत, क्या है दावे की सच्चाई?
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के दौरान कोविड वैक्सीन को लेकर तमाम तरह के भ्रम और दावे सामने आ रहे थे, लेकिन अब एक नए दावे से फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल, एक स्वीडिश पत्रकार ने कोरोना वैक्सीन बनाने वाली कंपनी 'फाइजर' के एक अंदरूनी विशेषज्ञ के हवाले से बताया कि जर्मनी में 20,000 से 60,000 लोगों की मौत कोविड वैक्सीन से हुई है। इस पोस्ट को अमेरिकी अरबपति एलन मस्क ने आगे बढ़ा दिया, जिससे चर्चा को बल मिला।
पोस्ट
स्वीडिश पत्रकार ने क्या पोस्ट किया?
स्वीडिश पत्रकार पीटर स्वीडन ने एक्स पर 12 अप्रैल को लिखा, 'यह खबर हर जगह की मुख्य खबर होनी चाहिए। फाइजर के एक अंदरूनी सूत्र (यूरोप में विष-विज्ञान) के पूर्व प्रमुख) ने अभी-अभी एक ऐसी बात कही है जिसका शक कई "साज़िश के सिद्धांतकारों" को था। उनका अनुमान है कि जर्मनी में 20,000 से 60,000 लोगों की मौत कोविड वैक्सीन से हुई है। यह बात जर्मनी में एक संसदीय जांच आयोग के सामने कही गई।'
दावा
क्या बिल गेट्स की फंडिंग के कारण चुप है मीडिया?
पत्रकार ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी खबर की रिपोर्टिंग हर जगह क्यों नहीं हो रही है? क्या मुख्यधारा का मीडिया, जिसे बिल गेट्स से लाखों की फंडिंग मिली है, वह जान-बूझकर इस बात को दबा रहा है? इस पोस्ट को एलन मस्क ने एक्स पर रिपोस्ट करते हुए लिखा कि वैक्सीन की डोज साफ-तौर पर बहुत ज़्यादा थी और इसे बहुत ज्यादा बार दिया गया था।
सवाल
मस्क ने बताया वैक्सीन का दुष्प्रभाव
मस्क ने आगे लिखा कि जब कोई वैक्सीन नहीं आई थी, उससे पहले ही उनको वुहान वायरस हो गया था और यह किसी भी आम सर्दी-जुकाम जैसा ही था। उन्होंने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि वह बीमारी बुरी तो थी, लेकिन इतना भी भयानक नहीं, लेकिन वैक्सीन का दूसरा शॉट लगने के बाद तो उनको लगभग अस्पताल ही जाना पड़ गया था। उन्होंने लिखा, 'मुझे ऐसा महसूस हो रहा था, जैसे मैं मर ही रहा हूं।'
दावा
मस्क पहले भी कर चुके हैं दावा
ऐसा पहली बार नहीं है, जब मस्क ने कोविड वैक्सीन के खिलाफ कुछ बोला या लिखा हो। उन्होंने कोरोना महामारी के समय 2020 में भी वायरस के खतरे को कम करके आंका था और कहा था कि वह घर में रहने के आदेशों से सहमत नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने जुलाई 2023 में, बास्केटबॉल सुपरस्टार लेब्रॉन जेम्स के बेटे को दिल का दौरा पड़ने पर इसे बिना किसी सबूत के कोविड वैक्सीन का दुष्प्रभाव बताया था।
जर्मनी
जर्मनी में वैक्सीन से मौत को लेकर दावा किसका
जर्मनी में कोविड-19 प्रतिक्रिया की समीक्षा करने वाले एक संसदीय निकाय में अमेरिकी कंपनी फाइजर के विष-विज्ञान के पूर्व प्रमुख डॉ हेल्मुट स्टर्ज ने गंभीर दावा किया। उन्होंने 19 मार्च को गवाही दी कि वैक्सीन के व्यापक जनवितरण से पहले कैंसर अध्ययन सहित कुछ दीर्घकालिक जोखिम आकलन और 10 आवश्यक पूर्व-नैदानिक सुरक्षा अध्ययन नहीं हुए थे। उन्होंने दावा किया कि वैक्सीन से 63,990 मौत हुई है। हालांकि, सत्र में मौजूद जर्मन स्वास्थ्य मंत्री कार्ल लॉटरबाख ने इसे खारिज कर दिया।
दावा
क्या दावे में कोई सच्चाई है?
स्टर्ज ने अपने दावों को जर्मनी के पॉल-एर्लिच-इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट से पुख्ता किया, जिसमें 2,133 मौतों का हवाला देते हुए इसे 30 गुना अधिक बताया है। उनका 30 गुना का दावा हार्वर्ड पिलग्रिम हेल्थ केयर के अध्ययन से लिया गया है, जो अमेरिका की वैक्सीन सुरक्षा निगरानी प्रणाली (VAERS) का स्रोत है। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि इस गुणक को जर्मनी पर लागू नहीं कर सकते, क्योंकि जर्मनी की स्वास्थ्य सेवा संरचना और रिपोर्टिंग संस्कृति अलग है।
जानकारी
क्या निकलता है निष्कर्ष?
अमेरिकी विशेषज्ञों की चेतावनी से पता चलता है कि स्टर्ज की मौतों का दावा केवल उनकी अपनी गणना है और किसी वैज्ञानिक शोध द्वारा समर्थित नहीं है। द लैंसेट की रिपोर्ट में भी पश्चिमी यूरोप में उच्च-टीकाकरण दर कम मृत्यु-दर से जुड़ी हुई बताई है।