लेबनान में बढ़ी मृतकों की संख्या, इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ तेज किए हमले
क्या है खबर?
इजरायल सरकार ने इजरायली सेना को लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने जमीनी और हवाई हमलों को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब हिजबुल्लाह ने इस महीने की शुरुआत में इजरायल पर रॉकेट दागे थे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस संघर्ष में लेबनान में 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कम से कम 118 बच्चे और 40 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
अभियान
हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करेगी इजरायली सेना
इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि इन हमलों का उद्देश्य उत्तरी इजरायल समुदायों को हिजबुल्लाह की आक्रामकता से बचाना है। इजरायली सेना ने बताया कि जनरल स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने हिजबुल्लाह के खिलाफ लक्षित जमीनी अभियानों और हमलों को आगे बढ़ाने की योजनाओं को मंजूरी दी है, जो एक लंबा अभियान होगा। रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लिटानी नदी पर बने पुलों को भी तबाह करने का आदेश दिया है।
संभावना
दक्षिणी लेबनान को अलग-थलग करने की योजना बना रहा इजराइल
BBC के अनुसार, इजरायली हवाई हमले में कस्मिये पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जो दक्षिणी और मध्य लेबनान को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। यह पुल लेबनान-इजरायल सीमा से 30 किलोमीटर दूर है और नागरिक भी इसका उपयोग करते हैं। इस घटनाक्रम ने लेबनान में आशंकाएं बढ़ा दी हैं कि इजरायल दक्षिणी क्षेत्रों को अलग-थलग करने की योजना बना रहा होगा, जहां हिजबुल्लाह और उसका शिया समुदाय रहता है। इजरायल कुछ क्षेत्रों पर कब्जा कर बफर जोन बना सकता है।
आदेश
इजरायली सेना को मिला सीमावर्ती लेबनानी गांवों में हमलों का आदेश
काट्ज ने इजरायली सेना के पास लेबनानी गांवों में घरों को ध्वस्त करने का भी आदेश दिया है। यह गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध के दौरान अपनाई गई रणनीति के समान है, जहां इमारतों को नष्ट कर दिया गया था और सुरक्षा क्षेत्र बनाने के लिए इलाकों को खाली करा दिया गया था। हमास के साथ संघर्ष 7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ था, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था।
संघर्ष
महीने की शुरुआत में बढ़ा हिजबुल्लाह से संघर्ष
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में हिजबुल्लाह के इजरायल पर रॉकेट दागे जाने के बाद लेबनान के साथ संघर्ष और बढ़ गया है। यह नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम समझौते के बावजूद लेबनान पर इजरायल द्वारा लगभग हर दिन किए जा रहे हमलों की प्रतिक्रिया भी थी। लेबनान सरकार ने 1980 के दशक के गृहयुद्ध के दौरान इजरायल के कब्जे में रहे हिजबुल्लाह के गठन को खत्म करने का वादा किया है।