पेंटागन-एंथ्रोपिक विवाद में कंपनी की जीत, ट्रंप सरकार की कार्रवाई पर कोर्ट ने उठाए सवाल
क्या है खबर?
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार और AI कंपनी एंथ्रोपिक के बीच चल रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत ने कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। जज रीटा लिन ने अपने 59 पेज के फैसले में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का नाम लेकर सरकार किसी कंपनी को सजा देने या बदला लेने के लिए मनमानी नहीं कर सकती।
मामला
क्या है पेंटागन और एंथ्रोपिक का मामला?
पेंटागन ने इस साल फरवरी में एंथ्रोपिक को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सप्लाई-चेन जोखिम बताया था।
कंपनी को यह दर्जा तब मिला, जब उसने अमेरिकी सेना के लिए अपने AI मॉडल क्लॉड के इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं हटाने से इनकार किया।
एंथ्रोपिक ने सैन्य निगरानी और पूरी तरह स्वायत्त हथियारों में अपने मॉडल के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद कंपनी को कुछ सरकारी सैन्य ठेकों से बाहर कर दिया गया था।
कार्रवाई
अदालत ने पेंटागन की कार्रवाई हटाई
जज रीटा लिन ने एंथ्रोपिक को सप्लाई-चेन जोखिम बताने वाली कार्रवाई को हटाने का आदेश दिया।
अदालत के मुताबिक, रक्षा विभाग की कार्रवाई ने संविधान के पांचवें संशोधन में दिए गए उचित कानूनी प्रक्रिया के अधिकार का उल्लंघन किया। कोर्ट ने रक्षा विभाग को कंपनी के खिलाफ जारी सभी दिशा-निर्देश, आदेश, संदेश और निर्देश वापस लेने को कहा है।
जज ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सरकार को असीमित अधिकार नहीं मिल जाते हैं।
अन्य
एंथ्रोपिक के खिलाफ दूसरा मामला भी लंबित
एंथ्रोपिक ने आरोप लगाया था कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अपने अधिकार से आगे बढ़कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की।
कंपनी ने कहा कि सैन्य ठेकों पर रोक से उसे अरबों डॉलर के कारोबार और प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है। एंथ्रोपिक का एक दूसरा मामला भी अदालत में लंबित है, जिसमें अलग सप्लाई-चेन जोखिम के कारण उसे नागरिक सरकारी ठेकों से बाहर रखने की कार्रवाई को चुनौती दी गई है।
कंपनी को फैसले से फिलहाल राहत मिली है।