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CIA दस्तावेजों का खुलासा: तालिबान ने लादेन को दी थी सुरक्षा कड़ी करने की चेतावनी
CIA की खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने लादेन को दी थी सुरक्षा के संबंध में कड़ी चेतावनी

CIA दस्तावेजों का खुलासा: तालिबान ने लादेन को दी थी सुरक्षा कड़ी करने की चेतावनी

Sep 14, 2026
03:47 pm

क्या है खबर?

अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA द्वारा सार्वजनिक किए गए बेहद संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेजों में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इन फाइलों के अनुसार, साल 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान IC 814 के अपहरण के बाद अफगानिस्तान के तालिबान शासकों ने अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को अपनी सुरक्षा बेहद कड़ी करने की गुप्त चेतावनी दी थी। यह जानकारी तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के लिए तैयार की जाने वाली खुफिया दैनिक सूचना रिपोर्ट में दर्ज थी।

उल्लेख

दस्तावेजों में है इन जानकारियों का उल्लेख

ये दस्तावेज 9/11 हमलों की 25वीं वर्षगांठ पर जारी किए गए 71 सार्वजनिक सुरक्षा दस्तावेजों (PDB) का हिस्सा थे।

इनमें लादेन की सुरक्षा संबंधी चिंताओं, कई देशों में हमलों की उसकी कथित योजनाओं, अमेरिकी धरती पर संभावित हमलों की चेतावनियों और 11 सितंबर, 2001 के हमलों से पहले और बाद में जुटाई गई खुफिया जानकारी का उल्लेख है।

इसमें साफ बताया गया है कि तालिबान ने किस तरह लादेन को अपनी सुरक्षा बढ़ाने का संदेश दिया था।

चेतावनी

तालिबान ने कैसे दी थी चेतावनी?

3 जनवरी, 2000 की तारीख वाले एक गोपनीय दस्तावेज में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया था, 'तालिबान ने पिछले सप्ताह बिन लादेन को चेतावनी दी थी कि वह अपनी सुरक्षा बढ़ा ले, कहीं ऐसा न हो कि कंधार में बंधक संकट का इस्तेमाल (संपादित) या अन्य सरकारों द्वारा बिन लादेन के खिलाफ (संपादित) को भेजने के लिए किया जाए। संकेत मिलता है कि तालिबान लादेन का एक प्रमुख समर्थक बना हुआ है।'

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संकट

क्या था संकट?

24 दिसंबर, 1999 को काठमांडू से नई दिल्ली आ रहे इंडियन एयरलाइंस के विमान IC 814 का हरकत-उल-मुजाहिदीन के आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था।

इस विमान को जबरन अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया था। यह बंधक संकट 31 दिसंबर, 1999 को तब समाप्त हुआ, जब भारत सरकार ने यात्रियों की जान बचाने के बदले 3 खूंखार आतंकवादियों को रिहा कर तालिबान को सौंप दिया था।

यह उस समय भारत के लिए बड़ा झटका था।

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निशाना

लादेन के निशाने पर थे भारत और पाकिस्तान समेत कई देश

दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि 9/11 हमलों से पहले ही अलकायदा का नेटवर्क कितना खतरनाक रूप ले चुका था।

राष्ट्रपति क्लिंटन को 28 अगस्त, 1998 को दी गई सूचना में बताया गया था कि लादेन दुनिया के कई बड़े देशों में तबाही मचाने की योजना बना रहा है।

लादेन भारत, पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब, कुवैत, यमन, युगांडा और नाइजीरिया में बड़े हमलों को अंजाम देने का इरादा रखता था और उसके पास इसके लिए योजनाएं भी थीं।

प्रयास

रासायनिक और परमाणु हथियार जुटाने की कोशिश

इस पूरी सूची का सबसे पुराना और चौंकाने वाला दस्तावेज 13 फरवरी, 1998 का है।

इसमें कहा गया था कि लादेन और अन्य चरमपंथियों ने एक गुप्त बैठक की थी, जहां खुले बाजारों से रासायनिक, जैविक और परमाणु पदार्थों को अवैध रूप से खरीदने पर आम सहमति बनी थी।

इन घातक हथियारों को हासिल करने के लिए लादेन अपनी वैध कंपनियों, बड़े व्यापारिक संबंधों और अपने विशाल वित्तीय साम्राज्य का खुलकर इस्तेमाल कर रहा था।

चेतावनी

अमेरिकी शहरों पर विमान से हमले की पहली लिखित चेतावनी

9/11 के हमले से लगभग 3 साल पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक बेहद सटीक आशंका जताई थी।

10 सितंबर, 1998 के एक डेली ब्रीफ ने सीधे चेतावनी दी थी कि चरमपंथी विस्फोटकों से भरे किसी हवाई जहाज को सीधे अमेरिका के किसी बड़े शहर में उड़ाकर टकरा सकते हैं।

हालांकि, उस समय खुफिया तंत्र के पास लादेन की अंतिम रणनीति की ठोस जानकारी नहीं थी, लेकिन यह साफ था कि लादेन वाशिंगटन डीसी में हमला करना चाहता है।

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