चीन ने होर्मुज को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी, कहा- हमारे मामले में दखल न दें
क्या है खबर?
अमेरिका ने ईरान के साथ शांति वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास नाकाबंदी की है, जिससे चीन भड़क गया है। चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने साफ तौर पर कहा कि उनके ईरान के साथ ऊर्जा और व्यापार समझौते हैं, जिसका वो पालन कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका का नाम लिए बगैर कहा कि दूसरों से उम्मीद करते हैं कि वे हमारे मामले में दखल न दें।
बयान
होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण है- चीन
डोंग जून ने कहा, "हम दुनिया में शांति-स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम मध्य-पूर्व की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हमारे जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के जलक्षेत्र में आ-जा रहे हैं। हमारे ईरान के साथ व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम उनका सम्मान और पालन करेंगे, और दूसरों से भी यही उम्मीद करते हैं कि वे हमारे मामलों में दखल न दें। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण है, और यह हमारे लिए खुला है।"
नाकाबंदी
अमेरिकी सेना की नाकाबंदी का दिखने लगा असर
समुद्री निगरानी आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिकी सेना द्वारा नाकाबंदी लागू किए जाने के बाद कम से कम दो तेल और रासायनिक टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से वापस लौटना पड़ा है। मरीनट्रैफिक के आंकड़ों से पता चला है कि इनमें से एक जहाज रिच स्टारी है, जिसने अपना गंतव्य चीन बताया था। जहाज ने नाकाबंदी लागू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर अपना रास्ता बदल लिया है। इससे चीन बौखलाया हुआ है।
नाकाबंदी
चीन के लिए बेहद आवश्यक है होर्मुज
भारत की तरह ही संकरा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य चीन के लिए भी बेहद उपयोगी है। चीन का लगभग 40 प्रतिशत तेल और कम से कम 30 प्रतिशत तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की जरूरतों की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा गलियारा है, जिससे होकर विश्व के तेल का पांचवां हिस्सा गुजरता है। भारत अपनी जरूरत की गैस और कच्चे तेल की आपूर्ति भी इसी मार्ग से करता है।
चेतावनी
ट्रंप ने नाकाबंदी के आसपास न गुजरने की चेतावनी दी थी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को सोशल मीडिया पर लिखा था कि 13 अप्रैल से नाकाबंदी शुरू हो जाएगी। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उनके छोटे जहाज नाकाबंदी वाले क्षेत्रों के आसपास दिखाई दिए तो उनको तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा, जैसे नशीले पदार्थों के जहाजों को नष्ट किया जाता है। अमेरिकी सेना ने भी नाकाबंदी क्षेत्रों से बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों को लेकर नोटिस जारी की थी।