LOADING...
चीन ने ईरान को दिए आक्रामक ड्रोन और उपग्रह नेविगेशन सिस्टम, अमेरिकी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
अमेरिकी आयोग ने चीन पर ईरान को आक्रामक ड्रोन और उपग्रह नेविगेशन सिस्टम देने का आरोप लगाया है

चीन ने ईरान को दिए आक्रामक ड्रोन और उपग्रह नेविगेशन सिस्टम, अमेरिकी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Mar 18, 2026
04:04 pm

क्या है खबर?

इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को 19 दिन हो गए हैं। अमेरिका और इजरायल ने लगातर हमले कर के ईरान में तबाही मचा रखी है, वहीं ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी कांग्रेस से संबद्ध एक प्रमुख संस्था अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को आक्रामक ड्रोन, रॉकेट ईंधन से संबंधित रसायन और उपग्रह नेविगेशन सिस्टम उपलब्ध कराए हैं।

सौदा

क्रूज मिसाइल का सौदा भी लगभग हो गया था तय

आयोग ने अपनी रिपोर्ट 'चीन-ईरान फैक्ट शीट' में कहा है कि फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों से पहले के दिनों में चीन सीधे तौर पर ईरान को हथियार बेचने में लगा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने ईरान को आक्रामक ड्रोन उपलब्ध कराए और एंटी-शिप क्रूज मिसाइल बेचने का एक बड़ा सौदा भी लगभग तय हो गया था, हालांकि मिसाइल की डिलीवरी की तारीख पर दोनों देशों के बीच अंतिम सहमति नहीं बनी थी।

रसायन

ईरान को रॉकेट ईंधन बनाने वाला रसायन भी बेचा

आयोग के अनुसार, चीन ने ईरान को रॉकेट ईंधन बनाने में इस्तेमाल होने वाला रसायन सोडियम पर्क्लोरेट बेचने की भी अनुमति दी है। 2 मार्च, 2026 के आसपास ईरान के 2 सरकारी जहाज चीन के गाओलान बंदरगाह से रवाना हुए, जिनमें इस रसायन की खेप होने का अनुमान है। यह रसायन ठोस रॉकेट ईंधन बनाने में इस्तेमाल होता है, जिसका उपयोग मिसाइलों में होता है। जनवरी 2025 में भी चीन ने ईरान को करीब 1000 टन सोडियम पर्क्लोरेट भेजा था।

Advertisement

नेविगेशन

चीन ने उपग्रह नेविगेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराया

आयोग का दावा है कि साल 2021 में चीन ने ईरान को अपने उपग्रह नेविगेशन सिस्टम तक सैन्य स्तर की पूरी पहुंच दे दी थी। रिपोर्ट के अनुसार यह संभव है कि ईरान वर्तमान में पश्चिम एशिया में ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए इसी सिस्टम का उपयोग कर रहा हो। चीन के इसी सहयोग ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के लिए निरंतर भौतिक समर्थन के बारे में चिंताएं बढ़ा दी है। आयोग अब इसकी जांच में जुटा है।

Advertisement

समर्थन

चीन ने युद्ध में किया है ईरान का समर्थन

युद्ध में चीन ने खुले तौर पर ईरान का समर्थन किया है। उसने अमेरिका और इजरायल के हमले को ईरान की संप्रभुता के साथ अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार देते हुए शांति से मामले को निपटाने की अपील की है। इसके अलावा चीन के विदेश मंत्रालय ने युद्ध से प्रभावित होने के कारण ईरान, लेबनान और अन्य क्षेत्रों में आपातकालीन मानवीय सहायता भेजने की भी घोषणा की है। हालांकि, वह सीधे सैन्य संघर्ष में शामिल होने से बच रहा है।

युद्ध

खामेनेई की हत्या के बाद मध्य-पूर्व में फैला तनाव

अमेरिका-इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए संयुक्त हमलों के बाद मध्य पूर्व में गहरा संकट पैदा हो गया है, जिसमें 86 वर्षीय आयतुल्ला खामेनेई और अन्य शीर्ष ईरानी नेता मारे गए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। इस संघर्ष में ईरान में 1,800 से अधिक और इजरायल में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसी तरह 7 अमेरिकी सैनिक भी शहीद हुए हैं।

Advertisement